कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर, सांसद सुरेश कश्यप सहित अन्य नेता मौजूद रहे। अनुराग ठाकुर ने कहा कि पंचायतीराज संस्थाएं लोकतंत्र की आधारशिला हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, पेयजल, स्वच्छता, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार सहित विकास से जुड़े कार्यों में पंचायत प्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से दलगत राजनीति से ऊपर उठकर सभी गांवों और परिवारों के विकास के लिए काम करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सशक्त पंचायतें ही सशक्त गांव और सशक्त हिमाचल की नींव हैं।
केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ग्रामीण आधारभूत ढांचे को मजबूत करने और पंचायतों में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए कई कदम उठा रही है। जनप्रतिनिधियों को अपने क्षेत्रों की जरूरतों के अनुसार विकास योजनाएं तैयार करनी चाहिए और पंचायत भवनों को ग्रामीण विकास की योजनाओं के केंद्र के रूप में विकसित करना चाहिए। प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए अनुराग ठाकुर ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के कार्यकाल में विकास कार्य प्रभावित हुए हैं और प्रदेश आर्थिक तंगी से जूझ रहा है। उन्होंने नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों से जनसेवा को प्राथमिकता देते हुए अपने क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास के लिए काम करने का आग्रह किया।