प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री धनीराम शांडिल, पुलिस प्रशासन सहित कांग्रेस हाईकमान के खिलाफ नारेबाजी कर रोष जताया। दृष्टि बाधित बेरोजगार एक साल से शिमला में धरने पर बैठे हुए हैं और बैकलॉग कोटे के सभी पद एकमुश्त भरने की मांग कर रहे हैं। सरकारी नौकरी की मांग को लेकर इससे पहले भी दृष्टिबाधित बेरोजगार कई बार सचिवालय के बाहर प्रदर्शन कर चुके हैं।
दृष्टिबाधितों का आरोप है कि उन्हें बार-बार आश्वासन दिए जा रहे हैं, लेकिन नौकरी नहीं दी जा रही। इससे उनके सब्र का बांध टूटता जा रहा है। उन्हें बार-बार धोखा दिया जा रहा है। दृष्टिबाधित संघ के अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने बताया कि वह सभी लंबे वक्त से बैकलॉग भर्ती का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस उनके एक साथी को गाड़ी में उठाकर ले गई है और पुलिस अफसर धमकी दे रहे हैं। साल 1995 के बाद से लेकर अब तक भर्ती नहीं हुई है। दृष्टिबाधित संघ को धरना देते हुए 350 से ज्यादा दिन का वक्त बीत गया है। मगर सरकार के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही।