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कोरोना काल में डिप्रेशन का शिकार लोगों को होगी पहचान, मिलेगा इलाज

Wed, 28 Oct 2020 08:39 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, मंडी
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सांकेतिक तस्वीर
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हिमाचल में कोरोना काल में डिप्रेशन का शिकार लोगों की पहचान होगी। चिह्नित लोगों की काउंसलिंग कर स्वास्थ्य विभाग उन्हें डिप्रेशन से बाहर निकालने की कोशिश करेगा। लोगों की मनोस्थिति जानने के लिए स्वास्थ्य विभाग ट्रायल पर शिमला, मंडी और चंबा जिलों में सर्वे करेगा। दो लाख लोगों को जोड़ा जाएगा। नौ प्रश्नों की विशेष प्रश्नावली दो लाख लोगों तक पहुंचाई जाएगी। इसमें हां या न में जवाब देना होगा। प्रश्नावली के आधार पर स्वास्थ्य विभाग लोगों की मनोस्थिति को आंकेगा और कोरोना काल में डिप्रेशन में आए लोगों की पहचान करेगा। बुधवार को मंडी में पत्रकार वार्ता में मानसिक रोग अस्पताल टुटीकंडी शिमला के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. संजय पाठक ने इसका खुलासा किया।  डॉ. संजय ने बताया कि क्षेत्रीय अस्पताल मंडी के नजदीक रघुनाथ का पधर में नशा निवारण एवं पुनर्वास केंद्र स्थापित होगा।

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यह केंद्र अपनी तरह का प्रदेश में पहला मॉडल नशा निवारण एवं पुनर्वास केंद्र होगा। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने रघुनाथ का पधर स्थित विभागीय भवन का निरीक्षण कर केंद्र भवन को हरी झंडी दे दी है। 6-8 हफ्तों में यह केंद्र शुरू किया जाएगा। 25 बिस्तरों की सुविधा से युक्त केंद्र को लगभग 30 लाख से शुरू किया जाएगा। खेल, योग, कृषि, बागवानी व अन्य गतिविधियां भी शुरू की जाएंगी। यह केंद्र स्वास्थ्य विभाग के मानकों के आधार पर बनाया जाएगा। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. देवेंद्र शर्मा, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. डीएस वर्मा, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. दिनेश ठाकुर, जन शिक्षा एवं सूचना अधिकारी एनआर ठाकुर, कार्यक्रम अधिकारी डॉ. विशाल, डॉ. पवनेश, डॉ. अरिंदम रॉय और मनोचिकित्सक डॉ. आयुष उपस्थित रहे।

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