हिमाचल विवि ने मांगा 250 करोड़ रुपये का अनुदान अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। प्रदेश सरकार के सोमवार को पेश किए वार्षिक बजट से भी हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला को निराशा ही हाथ लगी है। विवि को सरकार की ओर से सालभर के वेतन के खर्च के लिए मिलने वाले सहायता अनुदान में एक पैसे की वृद्धि नहीं की है।
विवि को 152.20 करोड़ का ही सहायता अनुदान वित्त वर्ष 2025-26 में मिलेगा। विश्वविद्यालय को अपने बढ़े वेतन के खर्च तक को पूरा करना इस सहायता अनुदान से करना मुश्किल हो जाएगा। पहले से आर्थिक तंगी झेल रहे हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय को सरकार से अनुदान बढ़ने की उम्मीद थी। विश्वविद्यालय ने भी वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ढाई सौ करोड़ का सहायता अनुदान मांगा था। विश्वविद्यालय का कर्मचारियों के वेतन भुगतान पर वित्त वर्ष 2025-26 में दो सौ करोड़ व्यय होने का अनुमान है। कर्मचारियों की नए वेतनमान और एरियर के भुगतान के लिए करीब 42 करोड़ रुपये के अतिरिक्त अनुदान की जरूरत है। विवि को पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में 2023-24 में 144.95 करोड़ से बढ़ाकर 152.20 करोड़ अनुदान मिला था। इसके बाद 2024-25 में भी विवि को वही 152.20 करोड़ का सहायता अनुदान मिला। अब ताजा बजट में भी इस अनुदान में कोई बढ़ोतरी नहीं की है। विवि अपने सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन का 90 करोड़ के भुगतान की संसाधनों से व्यवस्था करता है।
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तो फिर खड़ा हो सकता है संकट
विवि के 1500 से अधिक शिक्षक, गैर शिक्षक कर्मचारियों को मार्च माह के एक अप्रैल को मिलने वाले मासिक वेतन भुगतान को लेकर संकट खड़ा होने की संभावना है। प्रदेश सरकार ने सहायता अनुदान को जारी करने की व्यवस्था में परिवर्तन कर इसकी त्रैमासिक किस्त देने की जगह इसे मासिक दिए जाने की रिवायत शुरू की। फरवरी के वेतन के लिए भी कर्मचारियों को चार मार्च तक इंतजार करना पड़ा था। अब वित्त वर्ष समाप्त हो रहा है, यदि सरकार की ओर से घोषित पिछले सहायता अनुदान की अंतिम 13 करोड़ की वेतन की किस्त सरकार से जारी नहीं हुई तो मार्च का वेतन देरी से मिल सकता है।
गैर शिक्षक संघ ने मांगा था अतिरिक्त अनुदान
शिमला। हिमाचल प्रदेश विवि के गैर शिक्षक संघ ने विवि के सहायता अनुदान को 152 से बढ़ाकर 250 करोड़ करने को लेकर मुख्यमंत्री को मांग पत्र सौंपा था। इसमें संघ के अध्यक्ष राजेश ठाकुर सहित अन्य पदाधिकारियों ने अनुदान बढ़ाने के अलावा पिछली बकाया देनदारियों के भुगतान के लिए 70.46 करोड़ का अतिरिक्त अनुदान देने की मांग की थी। इसमें 2024-25 के वेतन भुगतान को 27 करोड़, सरकार के आदेशानुसार सरकारी संबद्ध कॉलेजों संस्थानों की इंस्पेक्शन फीस के लिए दो करोड़, बकाया डीए के भुगतान को 18.77 करोड़, छठे वेतन आयोग के तहत बकाया राशि भुगतान को 22.69 करोड़ देने की मांग की थी।