भारतीय फिल्मों में विभाजन के चित्रण की सराहना अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान (एडवांस्ड स्टडीज) शिमला में विभाजन की अनुभूति : भारतीय फिल्मों में विभाजन का चित्रण विषय पर राष्ट्रीय सम्मेलन सोमवार को शुरू हो गया। सम्मेलन, विभाजन के सिनेमाई निरूपण के ऐतिहासिक एवं सामाजिक-सांस्कृतिक आयामों की गहन अकादमिक समीक्षा के लिए प्रतिष्ठित इतिहासकारों, फिल्म विशेषज्ञों और विषय-विशेषज्ञों को एक मंच पर एकत्रित करने का प्रयास है।
सम्मेलन के संयोजक एवं वेंकटेश्वर कॉलेज दिल्ली के वरिष्ठ प्राध्यापक प्रो. निर्मल कुमार ने उद्घाटन भाषण दिया। उन्होंने विभाजन की कथाओं के ऐतिहासिक स्मृति निर्माण एवं वर्तमान सांस्कृतिक विमर्श में इनके निरंतर प्रभाव पर चर्चा की। सम्मेलन में राज्यसभा के पूर्व सदस्य प्रो. राकेश सिन्हा मुख्य अतिथि रहे। उन्होंने 'गदर', 'पिंजर' और अन्य समकालीन फिल्मों के माध्यम से विभाजन की स्मृति एवं सामाजिक चेतना पर इनके प्रभाव की व्याख्या की। कहा कि फिल्में पीढ़ियों के मध्य विभाजन की स्मृति का संचार करने में सफल रही हैं। संस्थान के सचिव मेहर चंद नेगी के धन्यवाद ज्ञापन पेश किया। पैनल चर्चा में प्रो. वीरेंद्र सिंह नेगी, प्रो. मनोज सिन्हा, प्रो. अयूब खान, डॉ. इती बहादुर, डॉ. ऋचा शर्मा और डॉ. शीला रेड्डी भाग ले रहे हैं।