लोअर बाजार निवासी राजेश कुमार ने बताया कि प्रतिवादी जगदीश चंद उनके स्वामित्व वाले आउट हाउस के एक कमरे में 960 रुपये प्रति वर्ष के किराये पर रह रहे थे। आरोप लगाया कि प्रतिवादी ने वर्ष 2008 से किराया देना बंद कर दिया और लगातार 12 महीने तक बिना किसी उचित कारण के परिसर खाली रखा। इस आधार पर 19 अगस्त 2020 को बेदखली की याचिका दायर की गई। न्यायालय की कार्यवाही के दौरान प्रतिवादी के अनुपस्थित रहने पर 20 नवंबर 2023 को एकपक्षीय कार्यवाही की गई। किराया नियंत्रक ने कहा कि प्रतिवादी पर 1 अप्रैल 2008 से 31 अगस्त 2020 तक 18,080 का किराया बकाया है। इस पर 20,520 का ब्याज जोड़कर 38,600 रुपये राशि बनती है। आदेश में कहा गया कि प्रतिवादी को इस परिसर से बेदखल किया जाए। हालांकि वह वैधानिक अवधि के भीतर बकाया किराया और ब्याज चुका देता है, तो बेदखली का आधार समाप्त हो जाएगा। संवाद