रितु सुबह पांवटा साहिब पहुंचीं। यहां उनके पिता भवान सिंह नेगी ने स्वागत किया। लगभग दो बजे शिलाई पहुंचने पर रितु का भव्य स्वागत हुआ। लगभग दो बजे शिलाई पहुंचने पर रितु का भव्य स्वागत हुआ।
घर की दहलीज पर मां पूर्णिमा नेगी ने रितु की आरती उतारी। उन्हें गले लगाया और माथा चूम कर बधाई दी। इसके बाद इलाके के लोगों ने रितु का स्वागत किया। परिजनों ने रजत पदक जीतने की खुशी में मिठाई भी बांटी।
इसके बाद रितु नेेगी ने सबसे पहले अपने भाइयों कल्याण नेगी और इशांत नेगी को राखी बांधी। रितु ने बताया कि उनके दोनों भाई बिलासपुर में हैं। उन्हें वे पहले ही राखी भेज चुकी हैं, जबकि घर पर चचेरे भाइयों को राखी बांधनी थी। छुट्टियां होने के चलते वे सीधा घर आ गईं।
अब एक सप्ताह घर पर छुट्टियां बिताएंगी।प्रदेश के खिलाड़ी रात को दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचे थे। यहां से सभी ने हिमाचल के लिए टैक्सी की। दिल्ली से प्रियंका नेगी, कविता और कोच सीधा बिलासपुर के लिए निकले। रितु नेगी अपने मामा के बेटे और एक सहेली के साथ पांवटा रवाना हुईं। रितु सुबह पांवटा पहुंचीं।
रितु नेगी के लिए हिमाचल सरकार ने अन्य खिलाड़ियों की तर्ज पर अभी तक नौकरी का प्रावधान नहीं किया है। वे रेलवे में बतौर लिपिक कार्य कर रही हैं। सिकंदराबाद में सेवाएं दे रही हैं।
वे रेलवे की तरफ से खेलती हैं। सूत्र बताते हैं कि लंबे अरसे से उनकी फाइल खेल निदेशालय में लटकी है। अब रजत पदक मिलने से रितु को हिमाचल सरकार से तोहफा मिलने की उम्मीद है।