प्रोजेक्ट अप्रूवल बोर्ड की नई दिल्ली में 24 मार्च को होने वाली बैठक में सरकार 1100 करोड़ के बजट का प्रस्ताव रखेगी। गुरुवार को प्रधान सचिव शिक्षा केके पंत की अध्यक्षता में राज्य सचिवालय में हुई बैठक में समग्र शिक्षा अभियान के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। अब इस प्रस्ताव को केंद्र सरकार के समक्ष रखा जाएगा।
शैक्षणिक सत्र 2020-21 के लिए बनाए गए 1100 करोड़ के बजट प्रस्ताव के तहत प्रदेश में प्री प्राइमरी स्कूलों का दायरा और बढ़ाने तथा नए वोकेशनल कोर्स शुरू करने की योजना को साझा किया गया है। वर्तमान में प्रदेश भर में 3740 प्री प्राइमरी स्कूल चलाए जा रहे हैं। इसमें 47 हजार से ज्यादा बच्चों ने दाखिले लिए हैं। प्रदेश सरकार इन स्कूलों की संख्या और बढ़ाना चाहती है।
गांव-गांव में स्थित सरकारी स्कूलों में नर्सरी और केजी में अधिक से अधिक बच्चों को दाखिले देने का लक्ष्य रखा गया है। पीएबी की बैठक के लिए प्री प्राइमरी के विस्तार को प्राथमिकता में शामिल किया गया है। इसके अलावा अभी 953 स्कूलों में वोकेशनल शिक्षा दी जा रही है। इसको भी सरकार ने अन्य स्कूलों में शुरू करने की योजना बनाई है।
इसके अलावा शिक्षकों की प्रशिक्षण प्रक्रिया को और अधिक मजबूत किया जाएगा। प्रशिक्षण के नए तरीके शुरू करने के लिए केंद्र सरकार से अधिक बजट मांगा जाएगा। समग्र शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना कार्यालय ने सभी जिलों से बजट वार प्राप्त हुए ऑनलाइन सुझावों के आधार पर प्रदेश का बजट तैयार किया है।