सब्जी मंडी में करसोग, सिरमौर, ठियोग, जुन्गा समेत अन्य आसपास के क्षेत्रों से करीब एक हजार बोरी
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1000 बोरी का मंडी में हुआ कारोबार
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। जिला और आसपास के क्षेत्रों में मटर की खेती करने वाले किसानों को फसल के अच्छे दाम मिल रहे हैं। बुधवार को ढली सब्जी मंडी में पहाड़ी मटर 80 रुपये प्रति किलो तक बिका। यह इस सीजन का अब तक का रिकार्ड रेट है। फसल के अच्छे दाम मिलने से किसानों के चेहरे खिले हुए हैं।
ढली मंडी में सब्जी का कारोबार के करने वाले आढ़तियों का कहना है कि बुधवार को बारिश के कारण आम दिनों के मुकाबले कम मात्रा में मटर पहुंचा लेकिन किसानों को फसल के अच्छे दाम मिले हैं। बुधवार को मंडी में मटर 70 से लेकर 80 रुपये किलो तक बिका है। कारोबारियों का कहना है कि बाहरी राज्यों में पहाड़ी मटर की मांग ज्यादा है। मांग के मुताबिक आपूर्ति कम है, हालांकि मटर सीजन ने रफ्तार पकड़ ली थी लेकिन कुछ दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण मटर कम मात्रा में मंडी पहुंच रहा है। किसान बारिश के कारण फसल नहीं तोड़ पा रहे हैं।
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मांग के मुताबिक कम फसल आने से मटर के दामों में उछाल आया है। सब्जी मंडी में बुधवार को करसोग, शिमला के साथ लगते सिरमौर, सोलन समेत ऊपरी शिमला के ठियोग, चियोग, जुन्गा और अन्य क्षेत्रों से मटर मंडी में आया था तथा करीब 1000 बोरी का कारोबार हुआ है। इसके साथ ही बुधवार को मंडी में फूलगोभी भी करीब 15 रुपये प्रतिकिलो पत्ते के साथ बिकी। बीते सप्ताह मटर 64 रुपये प्रतिकिलो बिका था।
24 सौ हेक्टेयर क्षेत्र में होती मटर की खेती
प्रदेश में करीब 2400 हेक्टेयर भूमि पर मटर की खेती होती है। इसमें सबसे ज्यादा कारोबार सोलन और शिमला की सब्जी मंडी में होता है। हर साल लाखों रुपये का कारोबार शिमला में होता है। सीजन शुरू होते ही पहाड़ी मटर की मांग बाहरी राज्यों में अधिक रहती है। कारोबारियों के मुताबिक पहाड़ी मटर की गुणवत्ता अन्य क्षेत्रों में होने वाले मटर से अच्छी मानी जाती है। इस कारण पहाड़ी मटर की मांग दिल्ली, मुंबई, पुणे के अलावा गुजरात आदि बड़े शहरों में अधिक रहती है। बाहरी राज्यों से मांग अधिक आने पर किसानों को अच्छे दाम मिलते हैं।
कोट
ढली सब्जी मंडी में बुधवार को पहाड़ी मटर की करीब 1000 बोरियों का कारोबार हुआ है। मंडी में मटर 70 से 80 किलो तक बिका है। बाहरी राज्यों में मटर की अच्छी मांग है। किसानों को अच्छे दाम मिल रहे है। बारिश के कारण थोड़ा कम मटर आया है। -बिट्टू वर्मा, सचिव ढली सब्जी मंडी आढ़ती एसोसिएशन