नाटक का निर्देशन रंगकर्मी शौर्यवीर ने किया संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। गेयटी थियेटर में मंगलवार को शौर्यगेट संस्था की ओर से बाप नाटक का मंचन किया गया। इसमें पिता और संतान के अनकहे रिश्तों को दर्शाया। इसमें दिखाया गया कि पिता का अपनी संतान से प्रेम गहरा होता है लेकिन उसे शब्दों में व्यक्त करने का अवसर नहीं मिल पाता।
नाटक की कहानी इस विचार को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करती है कि पिता केवल अपने जीवनकाल तक ही परिवार का सहारा नहीं होता बल्कि उसके जाने के बाद भी उसके संस्कार, संघर्ष और चिंताएं परिवार के साथ बनी रहती हैं। नाटक का लेखन एवं निर्देशन वरिष्ठ रंगकर्मी शौर्यवीर सागर ने किया है जो वर्ष 2002 से लगातार रंगमंच और सिनेमा के क्षेत्र में सक्रिय हैं। नाटक में नेवर रवींद्र, आशुतोष शर्मा, नीरज रघुवंशी, धीरज रघुवंशी, ऋतु रघुवंशी, राम प्रसिद्ध, रजत ठाकुर और शौर्यवीर सागर ने अभिनय किया। शौर्यवीर सागर ने कहा कि उनका उद्देश्य हर महीने एक नई कहानी और नया नाटक लेकर दर्शकों के बीच पहुंचना है। शौर्यगेट की अगली प्रस्तुति 25 जुलाई को होगी। संवाद