छोटा शिमला वार्ड के तहत विकासनगर, आंजी और पट्टी क्षेत्र के सैकड़ों लोग जांच में फेल हो चुके सैंपलों वाली बावड़ियों का पानी पीने को मजबूर हैं। इन क्षेत्रों में नगर निगम के पानी कनेक्शन नहीं हैं।
कई भवन नियमित नहीं हैं। इस कारण लोग व्यावसायिक दरों पर पानी कनेक्शन नहीं ले रहे हैं। इसके अलावा नगर निगम की मेन पाइप लाइन भी काफी ऊपर से जा रही है। इससे स्थानीय लोग बावड़ियों का दूषित पानी पी रहे हैं।
आंजी स्थित बावड़ी के सामने तो सीवरेज की पाइप भी फटी हुई है, आसपास में कूड़ा भी बिखरा है। सब कुछ जानते हुए भी लोग विवश होकर पानी पी रहे हैं। गरमी के मौसम में हर साल इन्हीं क्षेत्रों के दर्जनों लोग पीलिया की चपेट में आकर बीमार पड़ते हैं।
स्थानीय विक्रम सिंह का कहना है कि निगम की सप्लाई का पानी मटमैला होता है। बावड़ी का पानी कम से कम साफ तो लगता है। कानगो बिल्डिंग के किरायेदार गौरव का कहना है कि उनकी बिल्डिंग में लगभग सभी किरायदारों के घर में नल नहीं हैं।
पानी का एकमात्र स्रोत बावड़ी ही है। दीप राम निवासी कमला निवास ने भी सरकारी कनेक्शन नहीं होने की बात कही है। रोशन लाल निवासी मेहता निवास ने बताया है कि इस बावड़ी से रोजाना लगभग 400 लोग पानी पीते हैं। बावड़ी का पानी पीने योग्य है या नहीं, इसके बारे में लोग नहीं सोचते।
एमसी की जांच में फेल हैं बावड़ियां
राम बाजार, कृष्णानगर, लालपानी, घोड़ा अस्पताल, विकासनगर, आंजी की बावड़ियों का पानी नगर निगम की जांच में फेल है। बावड़ियों का पानी पीने वाले लोग पीलिया सहित अन्य जल जनित रोगों की चपेट में आकर अस्पताल पहुंच सकते हैं।
आवेदन करने वालों को मिलेगा कनेक्शन
नगर निगम आयुक्त अमरजीत
सिंह का कहना है कि पानी कनेक्शन के लिए आवेदन करने वाले सभी लोगों को
कनेक्शन दिए जाते हैं। भवन नियमित नहीं है तो व्यवसायिक कनेक्शन लोग ले
सकते हैं। बावड़ियों का पानी लोगों को पीने के लिए प्रयोग नहीं करना चाहिए।