ड्रेनेज सिस्टम में सुधार कर भरे जाएंगे गड्ढे, बदली जाएंगी टूटी टाइलें
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चालक-परिचालकों के लिए रात्रि ठहराव को तैयार होंगे तीन कमरे अमर उजाला ब्यूरो शिमला। स्मार्ट सिटी शिमला के बदहाल हो चुके पुराने बस अड्डे की पंचायत चुनाव के बाद मरम्मत की जाएगी। खस्ताहाल हो चुके इस बस अड्डे की मरम्मत और रखरखाव पर बस अड्डा प्राधिकरण 18 लाख रुपये खर्च करेगा। इसके लिए पंचायत चुनाव की आचार संहिता समाप्त होने के तुरंत बाद टेंडर आवंटन प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
लंबे समय से इस बस अड्डे के प्रवेश द्वार पर टूटी सड़क और गड्ढों से बसों तक को सुरक्षित चलाना मुश्किल होता है, वहीं पैदल लोगों के हादसे का शिकार होने की हर समय संभावना बनी रहती है। अड्डे के अंदर के ड्रेनेज सिस्टम के खराब होने से बारिश में पानी भरने की समस्या पेश आती है। अड्डे में काउंटर के पास टूटी टाइलें, भवन में लीकेज जैसी कई समस्याएं हैं। अड्डे के निरीक्षण पर आए नगर निगम के मेयर सुरेंद्र चौहान ने स्थिति का जायजा लेने और समस्याओं को सुनने के बाद इस अड्डे का रखरखाव करने वाले बस अड्डा प्रबंधन एवं विकास प्राधीकरण को मौके पर इन मरम्मत और रखरखाव के कार्यों को पूरा करने के निर्देश दिए थे। बस अड्डा प्राधिकरण ने मरम्मत और रखरखाव के कार्यों के लिए 18 लाख रुपये का एस्टीमेट तैयार किया है जिसके टेंडर कॉल कर दिए हैं। चालक-परिचालकों के ठहरने के लिए 13 लाख रुपये खर्च कर तीन रेस्ट रूम तैयार किए जाएंगे। बस अड्डे के ड्रेनेज सिस्टम को ठीक करने और टाइलें बदलने के कार्य पर पांच लाख रुपये खर्च होंगे। इसमें अड्डे का फर्श भी ठीक किया जाना है। भवन में कार्यकारी निदेशक के कार्यालय के शौचालय की लीकेज को ठीक करने के कार्य पर दो लाख रुपये खर्च किए जाने हैं। अमर उजाला ने 27 अप्रैल के अंक में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था।
कोट
पंचायत चुनाव की आचार संहिता खत्म होने के बाद बस अड्डे के मरम्मत, रखरखाव और निर्माण कार्यों के टेंडर आवंटन का कार्य पूरा कर काम शुरू होगा। इस पर 18 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।
-कमल शर्मा, एक्सईएन बस अड्डा प्रबंध एवं विकास प्राधिकरण