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शिमला: नशा रोकने के लिए हिमाचल और पंजाब पुलिस मिलकर करेंगी काम

Thu, 23 Feb 2023 06:32 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला

सार

नशे के कारोबार पर नकेल कसने के लिए पुलिस ने कवायद शुरू कर दी है। वीरवार को पंजाब और हिमाचल प्रदेश पुलिस के महानिदेशकों (डीजीपी) के बीच एक समन्वय बैठक आयोजित की गई। 
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पंजाब और हिमाचल के डीजीपी की बैठक। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हिमाचल में बढ़ते नशे के कारोबार पर नकेल कसने के लिए पुलिस ने कवायद शुरू कर दी है। वीरवार को पंजाब और हिमाचल प्रदेश पुलिस के महानिदेशकों (डीजीपी) के बीच एक समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक में फैसला हुआ कि दोनों राज्यों की पुलिस पंजाब-हिमाचल की सीमा पर सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाएगी। दोनों राज्य सीमा पर संयुक्त अभियान पर एक साथ काम करेंगे। क्षेत्र को सुरक्षित रखने के लिए चिट्टा, हेरोइन, नशीली दवाओं की आपूर्ति और अवैध शराब से निपटने के लिए संयुक्त उपाय किए जाएंगे। बैठक में हिमाचल प्रदेश के पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू ने भी सुझाव दिए।

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पंजाब से सटी हिमाचल की सीमाओं से नशे की सप्लाई होती है। कांगड़ा, ऊना, बद्दी के चोर रास्तों से नशे के सौदागर हिमाचल में नशा भेजते हैं। बढ़ते नशे के कारोबार को लेकर हिमाचल, पंजाब, चंडीगढ़ और हरियाणा चार प्रांतों के पुलिस अफसरों की बैठक भी हो चुकी है। विभिन्न लूटपाट व अन्य अपराधों को अंजाम देने वाले संगठित कुख्यात गैंग पर पैनी नजर के लिए चारों प्रांतों की पुलिस ने मिलकर काम करने का फैसला लिया था। चारों प्रांतों में साइबर क्राइम एक्सपर्ट की कमेटी गठित करने पर भी सहमति बनी थी।

तस्करी रोकने के लिए निदेशालय स्थापित करने का लिया था निर्णय
हिमाचल में युवाओं को नशे की लत से छुटकारा दिलाने और तस्करी रोकने के लिए निदेशालय की स्थापना का फैसला लिया गया था। पूर्व सरकार ने एकीकृत ड्रग प्रिवेंशन नीति बनाने का फैसला लिया था। इस नीति का मकसद हिमाचल प्रदेश में नशीले पदार्थों की तस्करी, मादक द्रव्यों का दुरुपयोग रोकने, नशीले पदार्थों की खेती, उत्पादन और खपत की गंभीर समस्या को रोकना था।
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बढ़ता जा रहा नशे का कारोबार
मादक पदार्थ निरोधक अधिनियम (एनडीपीएस) के तहत वर्ष 2014 हिमाचल में 644 मामले दर्ज किए गए। 2015 में 622, 2016 में 929, 2017 में 1010, 2018 में 1342, 2019 में 1400, 2020 में 1377, 2022 में करीब 1400 मामले दर्ज किए गए हैं।

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