आईजीएमसी में चल रहे न्यूरो सर्जरी विभाग को सरकार ने दे रखा है सुपर स्पेशलिटी का दर्जा
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विशेषज्ञों के तीन पद खाली, अपना आईसीयू भी नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) शिमला में चल रहे न्यूरो सर्जरी विभाग का अपना अलग ऑपरेशन थियेटर नहीं है। इसके अलावा आधुनिक उपकरणों का भी अभाव है।
न्यूरोलॉजी विभाग आईजीएमसी से सुपर स्पेशलिटी अस्पताल चमियाना शिफ्ट कर दिया है। न्यूरोलॉजी विभाग में जिस मरीज को ऑपरेशन के लिए लिखा जाता है उसे फिर आईजीएमसी आना पड़ता है। इससे मरीजों को आने जाने में भी परेशानी होती है। आईजीएमसी में ट्रॉमा सेंटर और ईमरजेंसी से जुड़े न्यूरो सर्जरी विभाग को सुपर स्पेशलिटी का दर्जा दे रखा है। विभाग के पास अपना न्यूरो क्रिटिकल केयर में प्रशिक्षित स्टाफ है, लेकिन अपना न्यूरो मरीजों के लिए आईसीयू नहीं है। इसमें उपचार और सर्जरी के लिए आधुनिक उपकरणों के साथ विशेषज्ञ चिकित्सकों की भी कमी है।
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हिमाचल जैसे पहाड़ी प्रदेश में आए दिन सड़क हादसों और लोगोें के गिरने की घटनाएं आम होती हैं। ऐसे में आईजीएमसी के न्यूरो सर्जरी विभाग का आधुनिकीकरण होना जरूरी है। इस विभाग में होने वाले ऑपरेशन और उपचार में आज भी पुराने उपकरण ही उपयोग हो रहे हैं। विभाग में विशेषज्ञ चिकित्सकों के तीन पद खाली हैं। वर्तमान में तीन विशेषज्ञ चिकित्सक और एक रेजिडेंट डॉक्टर ही तैनात हैं। दो दिन ओपीडी के अलावा यही डॉक्टर सर्जरी के केस भी देखते हैं। ओपीडी में 40 से 50 मरीज आते हैं। विभाग के पास अपना अलग से आईसीयू और ऑपरेशन थियेटर तक नहीं है। इमरजेंसी और रूटीन के न्यूरो सर्जरी के लिए अन्य विभागों के साथ ऑपरेशन थियेटर शेयर करना पड़ता है। विभाग में रोजाना इमरजेंसी के एक से दो ऑपरेशन होते हैं। सप्ताह में तीन दिन तीन से चार सर्जरी होती हैं, जिसमें एक या दो गंभीर सर्जरी होती हैं।
आईजीएमसी और टांडा में सिर्फ छह न्यूरो सर्जन
प्रदेश में आईजीएमसी और डांटा मेडिकल कॉलेज में सिर्फ 6 न्यूरो सर्जन हैं। इसके अलावा एम्स बिलासपुर में न्यूरो सर्जरी की सुविधा केंद्र सरकार ने दी है। आईजीएमसी में विभागाध्यक्ष डाॅ. ज्ञान चंद, डाॅ. विनीत तंवर, डाॅ. दिग्विजय सिंह और एक रेजिडेंट ही हैं। तीन चिकित्सकों के पद खाली चल रहे हैं। न्यूरो सर्जरी विभागाध्यक्ष डाॅ. ज्ञान चंद ने माना कि इमरजेंसी, ट्रॉमा सेंटर से सीधे जुड़े इस विभाग में उपचार और सर्जरी के लिए आधुनिक उपकरणों के साथ विशेषज्ञ चिकित्सकों के सभी पद भरे जाना जरूरी हैं।
विभाग में होती यह सर्जरी
न्यूरो सर्जरी विभाग में ब्रेन ट्यूमर, ब्रेन स्ट्रोक, स्पाइन और डिस्क जैसी जटिल सर्जरी की जाती है। इस विभाग में अपना अलग ऑपरेशन थियेटर, मरीजों को अलग न्यूरो आईसीयू, आधुनिक ऑपरेटिंग माइक्रोस्कोप, न्यूरो एंडोस्कोपी एवं स्पाइनल एंडोस्कोपी सिस्टम, न्यूरो नेविगेशन, स्पाइन सर्जरी के लिए ओ-एआरएम, दिमाग की नसों के फटने पर उसकी क्वायलिंग करने के लिए डीएसए उपकरणों की आवश्यकता है।