केंद्रीय विद्यालय जतोग में पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम में डीएसपी गुलशन ने दी नशे से दूर रहने की सलाह
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बोले, पूरा परिवार उजाड़ देता है नशा संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। कोई भी व्यक्ति या युवा यदि नशे का एक बार सेवन करता है तो उसे इसकी लत लग सकती है। सबसे घातक नशा चिट्टा है जिसका अंत केवल मृत्यु ही है।
यह बात केंद्रीय विद्यालय जतोग में शुक्रवार को अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम में डीएसपी गुलशन नेगी ने कही। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में नशा एक बहुत बड़ा खतरा बन चुका है। नशा सिर्फ एक बच्चे को नहीं बल्कि उसके पूरे परिवार को बर्बाद कर देता है। यह हमारी सेहत, पढ़ाई, रिश्तों और भविष्य सब कुछ खत्म कर देता है। नशे की शुरुआत आमतौर पर एक बार आजमाने से होती है लेकिन धीरे-धीरे आदत बन जाती है। इसलिए नशे से दूर रहना चाहिए।
कोरिया में अंतरराष्ट्रीय सीनियर नेशनल बास्केटबाल स्पर्धा में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाली डीएसपी गुलशन नेगी ने कहा कि पढ़ाई हमारे भविष्य की नींव है लेकिन केवल पढ़ाई ही काफी नहीं है। इसके साथ खेल हमारे शरीर और दिमाग दोनों को स्वस्थ रखते हैं। उन्होंने कहा कि जो बच्चे पढ़ाई के साथ खेल को अपने जीवन का हिस्सा बनाते हैं वह आत्मविश्वासी, अनुशासित और सफल बनते हैं। कई बार युवा तनाव से बचने के लिए भी नशा करते हैं। तनाव को खत्म करने का एकमात्र साधन नशा नहीं होता है। गुलशन नेगी ने विद्यार्थियों को बताया कि यदि कोई भी व्यक्ति उन्हें चिट्टा या अन्य किसी भी प्रकार के नशे का सेवन या तस्करी करता दिखाई देता है तो वह उसकी सूचना पुलिस को 112 हेल्पलाइन नंबर पर दे सकते हैं।
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नशे के दलदल से रहें दूर : गुप्ता एक बार जिस व्यक्ति को चिट्टे की लत लग जाती है उसे छोड़ना बहुत मुश्किल होता है। ऐसे कई मामले आ चुके हैं जिनमें युवा और अभिभावक खुद चाहते हैं कि यह लत छूट जाए लेकिन चाहकर भी यह लत नहीं छूट पाती। इसलिए खुद को और अपने दोस्तों को नशे के दलदल से दूर रखें।
-मोहित गुप्ता, प्रधानाचार्य, केंद्रीय विद्यालय जतोग
विद्यार्थियों ने पूछे सवाल, अधिकारी ने दिए जवाब
नौवीं कक्षा की जिया हिमराल ने अधिकारी से पूछा कि चिट्टे के सेवन का हमारे शरीर के कौन से अंग पर ज्यादा असर होता है। अधिकारी ने कहा कि चिट्टा एक बार लेने से दिमाग के सेल में रासायनिक बदलाव हो जाता है जिससे इंसान इसका आदी बन जाता है। -
सातवीं की सृष्टि ने पूछा कि कैसे पता लगता है कि यह वाला नशा चिट्टा है। इस पर अधिकारी ने कहा कि चिट्टा एक सिंथेटिक नशा है जो देखने में सफेद पाउडर की तरह होता है। इसका सेवन इंजेक्शन के माध्यम से और सूंघ कर किया जाता है।
नौवीं कक्षा के ऋषभ ने बताया कि उसे पहले पता नहीं था कि यदि कोई नशा करते हुए दिखाई देता है तो उसकी शिकायत पुलिस को कैसे करें, लेकिन अमर उजाला की इस विशेष मुहिम के माध्यम से उन्हें पता चला कि इसकी शिकायत 112 नंबर पर कर सकते हैं।
नौवीं के आर्यन ने पूछा कि जब व्यक्ति चिट्टे का सेवन करता है तो क्या इसके बाद उसका शरीर काम करना बंद कर देता है। इस पर अधिकारी ने कहा कि सेवन करने के कुछ देर तक नशेड़ी व्यक्ति का शरीर सामान्य से ज्यादा उर्जा महसूस करता है लेकिन धीरे-धीरे वह उसके शरीर को खराब करना शुरू कर देता है।
शिमला के जतोग स्थित केवी स्कूल में अमर उजाला द्वारा आयोजित पुलिस की पाठशाला में उपस्थित छात्र छ
शिमला के जतोग स्थित केवी स्कूल में अमर उजाला द्वारा आयोजित पुलिस की पाठशाला में उपस्थित छात्र छ
शिमला के जतोग स्थित केवी स्कूल में अमर उजाला द्वारा आयोजित पुलिस की पाठशाला में उपस्थित छात्र छ