हिमाचल प्रदेश फल उत्पादक संघ के अध्यक्ष हरीश चौहान कहते हैं कि मौसम ने बागवानों का पूरा साथ नहीं दिया। सेब की सेटिंग के समय मौसम ठंडा हो गया। इस कारण फलों की सेटिंग नहीं हुई और सेब की पैदावार पिछले साल के मुकाबले कम रही। वन भूमि पर अवैध कब्जे करके विकसित किए बगीचों से सेब के पेड़ कटने के कारण भी सेब की पैदावार पर असर पड़ा।
हिमाचल में मौसम ने सेब उत्पादकों का साथ नहीं दिया। सेब की सेटिंग के बाद सेब के पेड़ों में फलों की सेटिंग नहीं हो पाई। इस कारण 1.80 करोड़ पेटी सेब ही पैदा हो पाया। इसमें से 1.66 करोड़ पेटी मंडियों में पहुंचने का रिकॉर्ड बैरियरों में दर्ज है। शेष सेब कोल्ड स्टोरों ने बागवानों से खरीदा है।
- एमएम धीमान, उद्यान निदेशक, हिमाचल