उन्होेंने अपने ही मजदूर राजस्थान के ढोलपुर निवासी राजू को शराब पिलाई और फिर गला घोंटकर उसे अधमरा कर गाड़ी में बिठाकर कालाअंब-पांवटा सड़क पर जुड्डा के जोहड़ के समीप पहुंचाया।
यहां तारपीन का तेल छिड़ककर गाड़ी को आग लगा दी। शातिरों ने हत्या की वारदात को दुर्घटना का रूप देने का प्रयास किया। बाकायदा जलती कार का वीडियो बनाकर खुद ही शातिरों ने वायरल कर दिया।
अपना ब्रेसलेट निकालकर राजू की कलाई में डाला, ताकि पुलिस समझे कि आकाश की हादसे में जलकर मौत हो गई। इसके बाद पीछे से आ रही भतीजे की गाड़ी में सवार होकर दोनों पंजाब लौट गए।
दूसरे दिन परिवार के लोगों ने मृतक की आकाश के रूप में शिनाख्त भी कर दी और पुलिस से डेथ सर्टिफिकेट मांगने लगे। एएसपी वीरेंद्र ठाकुर ने बताया कि तीन दिसंबर को आकाश के भतीजे रवि कुमार निवासी बलटाना (जीरकपुर) की गिरफ्तारी के बाद दुर्घटना में दर्ज मामले को रद्द कर हत्या का मामला दर्ज किया गया।
बुधवार सुबह आकाश को पलवल (हरियाणा) से ट्रेन में सफर करते दबोचा गया। इससे पहले वह बिहार भागने में सफल हो गया था। एएसपी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में लगभग 50 लाख रुपये का बीमा आकाश के नाम होने का खुलासा हुआ है। बीमा राशि करोड़ों में भी हो सकती है।
19 नवंबर की रात नाहन के पास जुड्डा का जोहड़ में चलती कार में आग लग गई थी। इस हादसे में चालक सीट पर एक व्यक्ति की जिंदा जलने से मौत हो गई। गाड़ी पंजाब के खरड़ के नरेंद्र कुमार के नाम से पंजीकृत है।
हादसे के मृतक की पहचान पंजाब के जीरकपुर के समीपवर्ती डेराबस्सी निवासी आकाश कुमार (42) के रूप में की गई। आकाश के परिवार वाले डेथ सर्टिफिकेट पाने की जल्दी में थे।
बार-बार डेथ सर्टिफिकेट मांग रहे थे तो पुलिस को शक हुआ। पुलिस ने आकाश और रवि की कॉल डिटेल और जली गाड़ी की सीसीटीवी फुटेज निकाली, जिसमें सारी कहानी पता चली।
इसके अलावा जिस मजदूर को जलाकर मार डाला था, परिवार वालों ने उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। इसी सिलसिले में पुलिस छानबीन करते नाहन पहुंची थी, जिसमें भी शक की सूई चाचा-भतीजे की ओर घूमी।