वाकआउट पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है। विपक्ष के सदस्यों में खबर बनवाने की प्रतिस्पर्धा चली हुई है। इनको समझाने वाला कोई नहीं रह गया है। इनको हताशा है। कुछ भी नहीं होगा और इससे बीपी ही बढ़ेगा। जिस तरह से अमर्यादित भाषा में यह लोग बात कर रहे हैं, वह प्रदेश की भाषा नहीं है।
सीएम जयराम ठाकुर ने कहा कि विपक्ष की सरकार पर कार्रवाई नहीं करने की बात गलत है। यह लोग किसी दल से संबंध नहीं रखते हैं। जो भी ऐसी हरकत करता है, उसकी निंदा होनी चाहिए। यह एक स्वर में होनी चाहिए। दुनिया को समझा रहे हैं, लेकिन इस पर विचार की जरूरत है। उनके विधानसभा क्षेत्र में भी महाशिवरात्रि को एक घटना हुई। इसमें कांग्रेस के ब्लॉक और जिला का पदाधिकारी ही गिरफ्तार किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि घटना स्कूल में हो या कहीं और हो, इस बारे में सरकार बहुत गंभीर है। यह घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। जाति प्रथा के खिलाफ अगर हम ही काम नहीं करेंगे तो कौन करेगा। उन्होंने कहा कि ताजा घटना का आरोपी गिरफ्तार होगा। पहले भी ऐसा होता रहा है। किसी भी जाति में जन्म लेना हमारे हाथ में नहीं है। यह भगवान के हाथ में है। दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी।
हमने कौन सी अमर्यादित भाषा कही : मुकेश अग्निहोत्री
मुकेश ने सीएम से पूछा - हमने कौन सी अमर्यादित भाषा कही है। उन्होंने प्रेस गैलरी की ओर इशारा कर कहा कि सुर्खियों में रहने की बात है तो प्रेस गैलरी को खत्म कर दिया जाए। आप तो मीडिया पर भी आक्षेप कर रहे हैं।
विधानसभा में बजट सत्र के दौरान राज्यपाल के अभिभाषण पर लाए धन्यवाद प्रस्ताव पर कांग्रेस विधायक इंद्र दत्त लखनपाल ने चर्चा में हिस्सा लेते हुए आरएसएस के भगवा झंडे का जिक्र किया तो सदन में हंगामा शुरू हो गया। लखनपाल ने कहा कि संघ के नागपुर मुख्यालय में सिर्फ भगवा झंडा लहराता है और वहां तिरंगा नहीं दिखाई देता।
इसके बाद सत्ता पक्ष की ओर से सदस्य खड़े होकर इंद्र लखनपाल के कहे पर कड़ी आपत्ति करने लगे। सत्ता पक्ष के साथ ही विपक्ष के सदस्य भी खड़े होकर शोर शराबा करने लगे। सत्ता पक्ष के सदस्य तो यहां तक कहने लगे कि क्या विपक्ष के सदस्य ने संघ के मुख्यालय में जाकर देखा है कि वहां कौन सा ध्वज फहराया जाता है। अध्यक्ष बार-बार सदस्यों को अपनी सीटों पर बैठने का आग्रह करते रहे।
इसके बाद वन मंत्री गोविंद ठाकुर ने कहा कि आरएसएस राजनीति नहीं अपितु सामाजिक संगठन है।विधायक जगत सिंह नेगी ने कहा कि नियम 323 के अनुसार प्रत्येक सदस्य को किसी के खिलाफ बोलने का अधिकार दिया है। ऐसे में सदस्य सदन में अपनी बात रख सकते हैं। इसके बाद अध्यक्ष विपिन परमार ने सत्ता पक्ष और विपक्ष को शांत कराया और फिर सदन की कार्यवाही शुरू की गई।
नाचन के भाजपा विधायक विनोद कुमार ने अपनी सरकार के बागवानी मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर को पूछा -अध्यक्ष महोदय, मैं आपकी अनुमति से जानना चाहूंगा कि मंत्री बताएं मेरे यहां प्रोसेसिंग प्लांट क्यों नहीं लग सकता? बहुत सी पंचायतों का मामला है। क्या सरकार एचपीएमसी का कोल्ड स्टोर और फल विधायन प्लांट लगाने का विचार रखती है। इस पर मंत्री महेंद्र सिंह ने कहा कि हमारा एक प्रोजेक्ट अप्रैल में शुरू हो रहा है।
इसके लिए सिंचाई प्रबंध करें। क्लस्टर बनाएं, फिर सब तरह की व्यवस्था होगी। किस फल को तैयार कर रहे हैं, इसका ब्योरा नहीं होगा तो यह संभव नहीं हो पाएगा। विनोद कुमार ने बल्ह में सब्जी की फसलें होने की बात की तो इस पर मंत्री बोले कि सब्जी बागवानी के पास है। हिमाचल अकेला ऐसा राज्य है, जहां यह कंपोनेंट हमारे पास नहीं है। यह हमारे पास आ जाए तो हम इसे कर सकते हैं। भारत सरकार और कई राज्यों में ऐसा हो रहा है।