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Shimla News: नगर निगम बजट पर दिखेगा आरडीजी का असर, कमाई बढ़ाने का प्लान

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एमसी इसी महीने पेश करेगा बजट, केंद्रीय बजट के बाद अब कमाई के नए साधन बढ़ाने पर रहेगा जोर, लोगों पर बढ़ सकता है टैक्स का बोझ
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विकास कार्याें के लिए सरकार से घटाई जाएगी निर्भरता
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। केंद्र सरकार से आरडीजी यानि राजस्व घाटा अनुदान बंद होने का असर इस बार शिमला नगर निगम के बजट पर भी पड़ने वाला है। कांग्रेस शासित नगर निगम का तीसरा आम बजट इसी महीने पेश होना है। इसके लिए इन दिनों तैयारियां चल रही हैं।

केंद्रीय बजट को देखते हुए अब नगर निगम अपनी कमाई के साधन बढ़ाने के लिए मंथन में जुट गया है। इस बार बजट में ऐसी नई घोषणाएं शामिल करने की तैयारी हैं जिससे आय बढ़ सके। इसमें कई सेवाओं की फीस भी बढ़ाई जा सकती है। रिकवरी पर विशेष जोर रहेगा। आडीजी बंद होने का सीधा असर तो नगर निगम पर नहीं पड़ेगा लेकिन प्रदेश सरकार से अब राजधानी में होने वाले विकास कार्याें के लिए बजट में कटौती हो सकती है। शिमला नगर निगम हर साल सरकार से मिलने वाली करोड़ों रुपये की आर्थिक मदद के आधार पर ही अपना सरप्लस बजट जारी करता है। पिछले कुछ सालों में निगम की अपनी कमाई के साधन बढ़ने की बजाय लगातार घट रहे हैं। पानी बिल के बाद अब नक्शाें की फीस का करोड़ों रुपया भी नगर निगम को नहीं मिलेगा। दूसरी ओर कर्मचारियों की तनख्वाह और सफाई व्यवस्था पर इतना खर्च हो रहा है कि प्रॉपर्टी टैक्स और कूड़ा बिल से होने वाली कमाई भी कम पड़ रही है। निगम को केंद्र से पहले की तरह अनुदान मिलता रहेगा लेकिन प्रदेश सरकार से निर्भरता कम करने के लिए बजट में नई घोषणाएं शामिल की जा सकती हैं।
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कमाई 35 करोड़, खर्चा 75 करोड़
आंकड़ों के अनुसार नगर निगम की अपनी सालाना कमाई करीब 35 करोड़ रुपये है। प्राॅपर्टी टैक्स, पार्किंग शुल्क, संपत्तियों के किराये, एनओसी आदि से यह पैसा आता है। निगम में करीब 500 कर्मचारी कार्यरत हैं और 780 पेंशनर हैं। इनकी तनख्वाह और पेंशन पर हर साल करीब 75 करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं। ऐसे में विकास के सारे काम प्रदेश और केंद्र सरकार के सहारे है। तनख्वाह और पेंशन के लिए भी इनसे आए पैसे ही खर्च करने पड़ रहे हैं। केंद्र से विभिन्न मदों में निगम को हर साल करीब 35 करोड़ रुपये मिलते हैं और राज्य सरकार से करीब 32 करोड़ रुपये मिल रहे हैं।
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आय के संसाधन बढ़ाने पर रहेगा जोर : महापौर
नगर निगम महापौर सुरेंद्र चौहान ने कहा कि बजट में आय के संसाधन बढ़ाने पर फोक्स रहेगा। शहर में किस तरह निगम अपनी कमाई बढ़ सकता है, किराया, टैक्स और अन्य लंबित शुल्क की रिकवरी कैसे हो, इस पर बजट में खास योजना तैयार होगी। शहर में विकास कार्याें के लिए पैसों की कमी नहीं होने दी जाएगी।
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