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Shimla News: अब नए रंग रूप में नजर आएगा ऐतिहासिक टाउनहॉल भवन

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भवन की छत, खिड़की और दीवारों से उतर चुका है रंग, गेयटी थियेटर की तर्ज पर अब सफेद रंग में आएगा नजर
नगर निगम ने शुरू की भवन संवारने की तैयारी
काम शुरू करने के लिए हेरिटेज कमेटी को लिखा पत्र
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी के मालरोड स्थित ऐतिहासिक टाउनहॉल भवन अब नए रंग रूप में नजर आएगा। गेयटी थियेटर की तर्ज पर इसे भी सफेद रंग से सजाने की तैयारी है। लंबे समय से रंग-रोगन न होने के कारण चमक खो रहे इस भवन को संवारने की तैयारी शुरू हो गई है।

नगर निगम ने रंग-रोगन समेत अन्य मरम्मत कार्य शुरू करने के लिए स्टेट हेरिटेज कमेटी को पत्र लिखकर मंजूरी मांगी है। मंजूरी मिलने के बाद इसे संवारने का काम शुरू हो जाएगा। नगर निगम समर फेस्टिवल से पहले इसे संवारने का काम शुरू करने की तैयारी कर रहा है। मालरोड स्थित ऐतिहासिक टाउनहॉल भवन के जीर्णोद्धार का कार्य साल 2019 में पूरा हुआ था। इसके बाद से इसकी दीवारों, फर्श, खिड़की, दरवाजों आदि पर रंग रोगन नहीं किया है। खिड़की, दरवाजों पर किया वुड पेंट अब उखड़ चुका है। दीवारें भी सीलन से बदहाल हैं। हर साल देश और विदेश से लाखों सैलानी शिमला आते हैं।
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यहां मालरोड पर बने इस भवन के सामने तस्वीरें खिंचवाते हैं लेकिन इसकी फीकी चमक के चलते लोग हैरान होते हैं। शहर की सरकार इसी भवन से चल रही है लेकिन रंग रोगन न होने से इसकी चमक कम हो रही है। इसलिए नगर निगम ने इसे संवारने का फैसला लिया है। निगम इसकी दीवारों पर गेयटी की तर्ज पर सफेद रंग करना चाहता है। यह काफी पक्का रंग है जो काफी साल चमक नहीं खोता। हालांकि, हेरिटेज कमेटी से इसकी मंजूरी मिलती है या नहीं, इस पर आने वाले दिनों में पता चलेगा।




टाउनहॉल को देंगे नई चमक
टाउनहॉल भवन ऐतिहासिक है। इसकी चमक फीकी नहीं पड़नी चाहिए। गेयटी की तर्ज पर इसे सफेद रंग से सजाया जाएगा। हालांकि, इसके लिए हेरिटेज कमेटी की मंजूरी जरूरी है। मंजूरी के बाद काम शुरू किया जाएगा।
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-सुरेंद्र चौहान, महापौर नगर निगम शिमला।


ऐतिहासिक भवन है टाउनहॉल
मालरोड स्थित टाउनहॉल भवन ऐतिहासिक इमारतों में शामिल है। इसका निर्माण ब्रिटिश शासनकाल के दौरान साल 1850 से 1860 के दौरान हुआ। हालांकि, साल 1908 से 1910 के बीच इसका दोबारा निर्माण किया गया। पहले नगर निगम का सारा दफ्तर इसी भवन से चलता था। साल 2014 में इसके जीर्णोद्धार का फैसला लिया। इसके बाद जब यह दोबारा तैयार हुआ तो इसमें सिर्फ मेयर-डिप्टी मेयर के दफ्तर खोलने की अनुमति दी गई है। निचली मंजिल में अब कैफे चलाया जा रहा है।
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