अदालत ने चेतावनी दी है कि यदि परियोजना में और देरी हुई तो राज्य और उसके अधिकारियों पर एक्जेमप्लेरी कॉस्ट लगाई जाएगी। खंडपीठ ने आदेश की एक प्रति हिमाचल प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव को भेजने का निर्देश दिया। अगली सुनवाई 2 मार्च को होगी। इंजीनियर-इन-चीफ ने न्यायालय को आश्वासन दिया कि परियोजना निर्धारित तिथि तक पूरी कर ली जाएगी। यह मामला जिला सिरमौर के तहसील पच्छाद के सराहन में न्यायिक कोर्ट कॉम्प्लेक्स के निर्माण से संबंधित है। न्यायालय ने इस बात पर असंतोष व्यक्त किया कि 50 लाख की राशि को मंजूरी मिलने के बावजूद मार्च 2025 में केवल 15 लाख ही जारी किए गए थे।