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Shimla: हाईकोर्ट ने कहा-राज्य 10 फीसदी राशि जारी करने को तैयार नहीं, यह दयनीय स्थिति

Fri, 12 Dec 2025 11:34 AM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला।

सार

 न्यायालय ने जिला सिरमौर के सराहन में न्यायिक कोर्ट कॉम्प्लेक्स के निर्माण में धन जारी करने में हो रही देरी को लेकर राज्य सरकार को कड़ी फटकार लगाई है। 
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हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने न्यायिक बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के प्रति राज्य के सौतेले व्यवहार पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। न्यायालय ने जिला सिरमौर के सराहन में न्यायिक कोर्ट कॉम्प्लेक्स के निर्माण में धन जारी करने में हो रही देरी को लेकर राज्य सरकार को कड़ी फटकार लगाई है। मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश जियालाल भारद्वाज की पीठ ने टिप्पणी की कि यह दयनीय स्थिति है कि जहां 90 फीसदी राशि केंद्र से आ रही है, वहीं राज्य केंद्रीय-पोषित योजनाओं के लिए 10 फीसदी राशि भी जारी करने को तैयार नहीं है। न्यायालय ने संबंधित विभाग को यह लंबित राशि दस दिनों के भीतर जारी करने का निर्देश दिया है।

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अदालत ने चेतावनी दी है कि यदि परियोजना में और देरी हुई तो राज्य और उसके अधिकारियों पर एक्जेमप्लेरी कॉस्ट लगाई जाएगी। खंडपीठ ने आदेश की एक प्रति हिमाचल प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव को भेजने का निर्देश दिया। अगली सुनवाई 2 मार्च को होगी। इंजीनियर-इन-चीफ ने न्यायालय को आश्वासन दिया कि परियोजना निर्धारित तिथि तक पूरी कर ली जाएगी। यह मामला जिला सिरमौर के तहसील पच्छाद के सराहन में न्यायिक कोर्ट कॉम्प्लेक्स के निर्माण से संबंधित है। न्यायालय ने इस बात पर असंतोष व्यक्त किया कि 50 लाख की राशि को मंजूरी मिलने के बावजूद मार्च 2025 में केवल 15 लाख ही जारी किए गए थे।
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