हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने शिमला के लोअर बाजार में बढ़ते अतिक्रमण, आग के खतरे और जनसुविधाओं की कमी को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने नगर निगम शिमला को निर्देश दिए हैं कि वह न केवल रेहड़ी-फड़ी वालों (तहबाजारियों) पर, बल्कि उन दुकानदारों पर भी कार्रवाई करे जो अपनी दुकानों के आगे सरकारी जमीन पर कब्जा जमाए बैठे हैं। मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश जियालाल भारद्वाज की खंडपीठ ने टिप्पणी की कि इसके लिए केवल वेंडर ही दोषी नहीं हैं, बल्कि दुकानदार भी इसमें शामिल हैं। कोर्ट को जानकारी मिली है कि दुकानदार अनाधिकृत रूप से अपनी दुकान के आगे लोगों को बैठने की अनुमति देते हैं और बदले में उनसे पैसे वसूलते हैं। कोर्ट ने कहा कि इसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।