लेकिन, मामला शांत होने के बाद देर शाम विभाग ने किराये की रसीद आयोजकों को थमा दी। वहीं, अगले ही दिन खेल मंत्री गोविंद सिंह ने प्रेसवार्ता में मैदान के किराये के सवाल को हंस कर टाल दिया था। मैदान के किराये को लॉजिस्टिक सपोर्ट लेने पर उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया था।
जबकि, अब प्रदेश सरकार के निर्देशों पर खेल विभाग ने किराये की राशि को न वसूलने का निर्णय लिया है। जिला खेल अधिकारी मंडी सुनील ने कहा कि सरकार के निर्देश के अनुसार कार्य किया जाएगा।