राज्यपाल ने वैदिक मंत्रोच्चारण कर उपस्थित विधायक विनय कुमार, उपायुक्त ललित जैन समेत अधिकारियों और अन्य लोगों से आहुतियां भी डलवाईं। वहीं, गायत्री मंत्र का जाप किया। इन मंत्रों के जाप से वातावरण शुद्ध हो गया।
राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने कहा है कि भगवान परशुराम एक महान योद्धा एवं प्रकांड विद्वान थे। उन्होंने वेद की रक्षा और लोगों को सद्मार्ग पर चलने का ज्ञान दिया। हमें ईश्वर के चित्र की नहीं, बल्कि उनके चरित्र की पूजा करनी चाहिए।
उनके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाना चाहिए। प्रदेश की धरती को स्वच्छ एवं नशामुक्त बनाना है। इसके लिए सभी लोगों को अपना सहयोग देना होगा। राज्यपाल ने कहा कि विशेष शिविरों का आयोजन करके लोगों को जीरो बजट प्राकृतिक खेती को लेकर प्रशिक्षित किया जाएगा।