पांच घर तैयार, 24 का अभी चल रह है निर्माण कार्य
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना के तहत शिमला जिले के 29 अनाथ बच्चों को घर मिलेंगे। इनमें से पांच आवासों का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि 24 का निर्माण कार्य चल रहा है।
अब बाल विकास परियोजना अधिकारियों (सीडीपीओ) को निर्माणाधीन आवासों की रिपोर्ट हर महीने की तीन तारीख तक प्रस्तुत करनी होगी। साथ ही उन्हें हर महीने एक निर्माणाधीन घर का निरीक्षण भी करना होगा।
इस कदम से निर्माण कार्यों में पारदर्शिता और तेजी आएगी। योजना का उद्देश्य अनाथ बच्चों को सुरक्षित और स्थायी आवास उपलब्ध करवाना है। यह निर्देश जिला उपायुक्त अनुपम कश्यप ने अपने कार्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान अधिकारियों को दिए। उपायुक्त ने बताया कि प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना के तहत अनाथ और निराश्रित बच्चों को अपना घर बनाने के लिए तीन बीघा भूमि तथा तीन लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करती है। सरकार का मुख्य उद्देश्य चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट (राज्य के बच्चों) को सम्मानजनक जीवन और रहने के लिए पक्की छत उपलब्ध करवाना है।उन्होंने बताया कि घर के निर्माण कार्य की शुरुआत के लिए पहली किस्त के रूप में एक लाख रुपये सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजे जाते हैं। इस दौरान उपायुक्त ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से दो लाभार्थियों से बातचीत कर योजना के संबंध में उनका फीडबैक भी लिया। बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी ममता पॉल सहित जिले के सभी बाल विकास परियोजना अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित रहे।