संजौली कॉलेज शिक्षक अभिभावक शिक्षक संघ (पीटीए) ने सरकार के निर्देश मानने से इनकार कर दिया है। कॉलेज शिक्षकों ने दो टूक कहा है कि दोहरे नियमों के चलते वे पीटीए का हिस्सा नहीं बनेंगे।
पीटीए शिक्षकों की भर्ती को लेकर दोहरे नियम इन्हें मंजूर नहीं। सरकार चाहती है कि पहले से नियुक्त पीटीए शिक्षकों की सेवाओं को जारी रखा जाए और नई भर्ती यूजीसी के नेट-सेट के मानकों के हिसाब से हो। पर शिक्षक दलील दे रहे हैं कि वे नई नियुक्तियां नहीं करेंगे। नई भर्ती में समान नियम होने चाहिए।
ऐसा नहीं होगा तो कई अभ्यर्थी कोर्ट पहुंचेंगे और वे कोर्ट के चक्कर नहीं काट सकते। संजौली पीटीए अपना कार्यकाल पूरा कर चुका है। 3 अगस्त को नई कार्यकारिणी के गठन के लिए बैठक बुलाई गई, लेकिन शिक्षकों ने इस बैठक का बहिष्कार कर दिया। वजह सरकार के दोहरे नियम ही रहे।
चूंकि अब गठित होने वाली कार्यकारिणी ही पीटीए शिक्षकों को नियुक्त करेगी। कॉलेज प्रशासन ने 12 अगस्त को दोबारा बैठक बुलाई पर शिक्षक नहीं माने।
मंगलवार को हुई बैठक में अध्यक्ष दिनेश कुमार शर्मा समेत नौ सदस्यों ने हिस्सा लिया। बैठक में अभिभावक सदस्यों ने भी साफ किया कि दोहरे मापदंड अपनाने से विवाद होगा। मामला कोर्ट तक जाना तय है।
ऐसे में वे जोखिम नहीं लेंगे। कॉलेज इकाई ने सरकारी हस्तक्षेप पर पीटीए नियुक्ति के नियम को बदलने और एक जैसी शर्त रखने की मांग की।
प्राचार्य डॉ. जेएस नेगी ने भी माना कि पीटीए अध्यक्ष ने पीटीए नियुक्ति करने से मना कर दिया है। नई कार्यकारिणी चुनकर ही प्रक्रिया को शुरू किया जाएगा।