दुर्गा पूजा महोत्सव पर 18 अक्तूबर को सुबह 5:52 बजे होगी पूजा संवाद न्यूज एजेंसी शिमला। राजधानी के कालीबाड़ी हॉल में शनिवार को मंत्रोच्चारण के साथ शारदीय दुर्गा देवी ने नवपत्रिका में प्रवेश किया। इस दौरान सुबह 9:27 बजे महासप्तमी विहित पूजा शुरू हुई। इसके बाद पुष्पांजलि का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। पूजा संपन्न होने के बाद देवी को फलों का भोग लगाया गया।
शारदीय नवरात्र के सातवें दिन मंदिर में दर्शन के लिए दिनभर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी रही। दुर्गा पूजा महोत्सव के तहत 18 अक्तूबर को सुबह 5:52 बजे पूजा होगी। इसके बाद पुष्पांजलि और भोग अर्पित किया जाएगा। सुबह 10 बजे पुष्पांजलि के बाद प्रसाद वितरण किया जाएगा। 19 अक्तूबर को सुबह 6:15 बजे शारदीय दुर्गा देवी की महाअष्टमी पूजा, पुष्पांजलि और प्रसाद वितरण होगा। इसके बाद सुबह 7:25 बजे से संधि पूजा शुरू होगी। इस दौरान माता को 180 कमल के फूल अर्पित किए जाएंगे और 108 दीपक जलाए जाएंगे।
संधि पूजा के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचते हैं। 20 अक्तूबर को सुबह 4:42 बजे से 9:29 बजे तक शारदीय दुर्गा देवी की महानवमी पूजा होगी। इस दौरान पुष्पांजलि अर्पित करने के साथ देवी को भोग लगाया जाएगा। दुर्गा पूजा महोत्सव का समापन 21 अक्तूबर को होगा। इस दिन सुबह 8:30 बजे शारदीय दुर्गा देवी की महादशमी की पूजा होगी। इसके बाद सभी मूर्तियों को विसर्जन के लिए तारादेवी स्थित आईटीबीपी परिसर के तालाब में ले जाया जाएगा। विसर्जन के बाद शाम 7 बजे शांति जल प्रदान और विसर्जन सम्मेलन के साथ महोत्सव का समापन होगा।