कम्युनिटी हॉल भी विकास रोडमैप में होंगे शामिल
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। पंचायतों में अब विकास कार्यों की योजना केवल एक साल तक सीमित नहीं रहेगी। दो अक्तूबर को होने वाली ग्राम सभा में पांच वर्षों को ध्यान में रखते हुए विकास का रोडमैप तैयार किया जाएगा।
इसमें गांवों की जरूरत के अनुसार सड़क, रास्ते, डंगे, कैटल शेड (बकरियों के बाड़े), पौंड और कम्युनिटी हॉल समेत विभिन्न विकास कार्यों को शामिल किया जाएगा। ग्राम सभाओं में ग्रामीण अपनी जरूरतें रख सकेंगे, जिसके आधार पर पंचायत स्तर पर विकास कार्यों की प्राथमिकताएं तय की जाएंगी।
पंचायतीराज विभाग के अनुसार विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण (वीबी-जीरामजी) के तहत पंचायतों में पहली बार पांच वर्ष की अवधि को ध्यान में रखकर विकास का रोडमैप तैयार करने की व्यवस्था की है। सुबह 11 बजे शुरू होने वाली जिले की विभिन्न ग्राम पंचायतों की इस बैठक में पंचायतों के लिए पांच साल की समग्र योजना तैयार करने के साथ सभी कार्यों का खाका भी तैयार किया जाएगा।
लोगों को यह भी बताया जाएगा कि ये कार्य एक साथ नहीं होंगे, बल्कि प्रत्येक वित्तीय वर्ष के लिए अलग-अलग शेल्फ तैयार कर उन्हें चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा। इससे पंचायत में प्रस्तावित विकास कार्यों का ब्योरा दर्ज रहेगा। वहीं, ग्रामीण अपनी स्थानीय जरूरतों और समस्याओं से जुड़े कार्य ग्राम सभा के समक्ष रख सकेंगे। इसके बाद उपलब्ध संसाधनों और प्राथमिकताओं के आधार पर कार्यों को योजना में शामिल किया जाएगा।
ग्रामीणों को यह जानकारी भी रहेगी कि आने वाले वर्षों में गांव में कौन-कौन से विकास कार्य प्रस्तावित हैं और किस वर्ष उन्हें करवाने की योजना है।
विकसित भारत के तहत बनेंगी सड़कें
विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण (वीबी-जीरामजी) के तहत पंचायतों में सड़क और रास्तों के निर्माण व सुधार, डंगे, कैटल शेड, पौंड और कम्युनिटी हॉल जैसे कार्य प्रस्तावित हैं। इसके अलावा बरसात के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में रास्तों और डंगों को होने वाले नुकसान को देखते हुए इन कार्यों की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही है। वीबी-जीरामजी के तहत अब तक 375 गतिविधियां हो चुकी हैं। इसके बाद अब पांच साल के रोडमैप और सालाना शेल्फ के जरिए विकास कार्यों को चरणबद्ध और योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने की तैयारी की गई है।