बीएसएफ में पहली महिला स्नाइपर बनना सब इंस्पेक्टर सुमन कुमारी के लिए आसान नहीं था। कई उतार-चढ़ाव देखने को मिले, लेकिन हिम्मत नहीं हारी और कोर्स को पूरा किया। 17 किलो भार के साथ लंबी दौड़ तय समयावधि में पूरा करना और 100 मीटर स्टॉकिंग करना इस पूरे कोर्स में सबसे चुनौतीपूर्ण था। कोर्स का हर पड़ाव कठिन था, लेकिन प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में सब पूरा हो गया है। कोर्स पूरा करने के बाद वह पंजाब लौट आई हैं। सुमन मूलत: मंडी जिले के तुंगलघाटी की रहने वाली हैं।
फोन पर बातचीत में सुमन कुमारी ने कहा कि कोर्स में जाने से पहले उन्हें यह अंदाजा नहीं था कि वह इस कोर्स में जाने वाली पहली महिला जवान हाेंगी। प्रशिक्षण केंद्र में पहुंचने पर उन्हें इसके बारे में बताया कि पहली बार महिला जवान प्रशिक्षण के लिए पहुंची हैं। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षकों का मार्गदर्शन बेहद अच्छी तरह से मिला। उन्होंने मानसिक और शारीरिक रूप से उन्हें तैयार किया। हर स्तर पर प्रतिभागियों को प्रेरित किया। इससे कभी इस कोर्स को बीच में छोड़ने का ख्याल तक नहीं आया।
सुमन ने कहा कि उन्हें खुशी है कि उन्होंने कठिन कोर्स पूरा किया और बीएसएफ में देश की पहली महिला स्नाइपर बनीं। मंडी जिले के तुंगल घाटी के कुटल गांव की सुमन कुमारी ने 2021 में बीएसएफ ज्वाइन की। उनकी इस उपलब्धि से मंडी जिले में खुशी की लहर है। देशभर की बेटियों के लिए सुमन कुमारी प्रेरणा स्रोत बनी हैं। 56 मर्दों के बीच अकेली सुमन कुमारी ने इस प्रशिक्षण को पूरा किया और देश के लिए इतिहास रचा।
पंजाब में प्लाटुन की संभाल रहीं कमान
सुमन ने बताया कि उनके परिजन भी इस तरह के कोर्स से अनजान थे, लेकिन बाद में उन्हें इसकी जानकारी मिली। पंजाब में प्लाटुन की कमान संभाल रहीं सब इंस्पेक्टर सुमन कुमारी का कहना है कि इस कोर्स को करने के साथ ही अपने ट्रुप्स को सुरक्षित कर सकते हैं और पूरी रणनीति की भी जानकारी रहती है। उन्होंने कहा कि कोई भी कार्य कठिन नहीं होता है, बस उसे पूरा करने के लिए जज्बा मन में होना चाहिए।