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हिमाचल: चलती बस में चालक को पड़ा दिल का दौरा, मौत से पहले ऐसे बचाई दो दर्जन यात्रियों की जान

Fri, 02 Apr 2021 09:23 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, पांवटा साहिब (सिरमौर)

सार

  • हिमाचल के पांवटा में हुआ हादसा
  • चलती बस में चालक के सीने में अचानक उठा दर्द 
  • रेणुकाजी-सतौन से पांवटा जा रही थी बस
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पांवटा में चलती बस में चालक को पड़ा दिल का दौरा। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में मौत से पहले निजी बस का चालक करीब दो दर्जन सवारियों की जान बचा गया। सतौन से पांवटा की तरफ आ रही निजी बस के चालक को अचानक राजबन के समीप दिल का दौरा पड़ा। बस चालक ने सीने में तेज दर्ज होने पर बेहोश होने से पहले बस को झाड़ियों की तरफ मोड़ दिया। जिससे बस में सवार करीब दो दर्जन यात्री सुरक्षित बच गए। गंभीर हालत में चालक को सिविल अस्पताल पांवटा पहुंचाया गया।

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अस्पताल में चिकित्सक ने चालक को मृत घोषित कर दिया। शुक्रवार शाम के समय रेणुकाजी-सतौन से निजी बस पांवटा की तरफ निकली। राजबन खनन चेक पोस्ट से करीब 200 मीटर दूरी पर बस चालक अशोक कुमार (46) पुत्र भीम बहादुर निवासी चांदनी पोओ भरोग भनेड़ी के सीने में अचानक तेज दर्द उठा। दिल का दौरा पड़ने पर बेहोश होने से पहले ही चालक ने सूझबूझ से बस को झाड़ियों की तरफ सुरक्षित स्थल पर मोड़ दिया जिससे बस कुछ दूरी पर जाकर रुक गई।

बताया जा रहा है कि बस में करीब दो दर्जन सवारियां थीं। निजी बस चालक ने सूझबूझ से यात्रियों की जान बचा ली। पूर्व प्रधान मुगलांवाला करतारपुर मनोज कुमार, मुकेश कुमार और तुलसी राम ने बताया कि दिल का दौरान पड़ने से चालक की हालत गंभीर थी। लोगों ने तुरंत चालक को सिविल अस्पताल पांवटा उपचार को पहुंचाया। सूचना मिलने पर राजबन पुलिस चौकी टीम ने जांच शुरू कर दी है।  उधर, डीएसपी पांवटा साहिब बीर बहादुर सिंह ने बताया कि शुरुआती जांच में दिल का दौरा पड़ना निजी बस चालक की मौत कारण माना जा रहा है। 
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एचआरटीसी चालक की भी हुई थी मौत
बता दें इससे पहले नौ फरवरी 2021 को हिमाचल पथ परिवहन निगम की चलती बस में दिल का दौरा पड़ने से चालक की मौत हो गई थी। घटना के वक्त बस में 35 यात्री सवार थे। बेहोश होने से पहले ड्राइवर ने जैसे-तैसे ब्रेक लगाकर यात्रियों की जान बचा ली वरना बड़ा हादसा हो सकता था। सुबह नौ बजे सरकाघाट डिपो की यह बस सवारियों को लेकर अवाहदेवी जा रही थी।

सधोट के पास अचानक ड्राइवर के सीने में दर्द उठा। वह पसीने से तर हो गए। बस हिचकोले खाने लगी। इसी बीच ड्राइवर चिल्लाने लगे और सवारियों को उतरने के लिए कहा। बस को ब्रेक लगने के बाद जैसे ही सवारियां नीचे उतरीं ड्राइवर श्यामलाल (46) स्टेयरिंग पर ही बेहोश हो गए थे। उन्हें हमीरपुर अस्पताल ले जाया गया लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
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मौत से पहले चालक ने बस को झाड़ियों में रोक दिया: 

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