अधिकारियों ने ये कहा
अधिकारियों के अनुसार, जब भी इस तरह की परियोजनाओं की अनुमानित लागत तैयार होती है तो इस बात का सही अनुमान नहीं होता है कि किस टनल पर कितना सटीक खर्च होगा। टनल निर्माण कार्य में आंतरिक परिस्थितियों का आकलन पूर्व में करना कठिन होता है। काम शुरू होने के बाद ही सही स्थिति का पता चलता है, इसके कारण भी एस्टीमेट में बदलाव अनिवार्य हो जाता है। भानुपल्ली-बिलासपुर रेललाइन का काम अप्रैल 2015 में शुरू हुआ था। अभी सात किलोमीटर काम पूरा हो चुका है और ट्रैक बिछाने की तैयारी है। पहाड़पुर तक वर्ष 2025 और बिलासपुर तक वर्ष 2017 तक आरवीएनएल ने ट्रैक बिछाने का लक्ष्य रखा है। भानुपल्ली से बिलासपुर तक ट्रैक की लंबी 52 किमी है। इससे आगे बैरी तक 11 किमी ट्रैक के लिए अभी भूमि अधिग्रहण किया जाना है।