भारत सरकार ने मेधावी विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता देने के उद्देश्य से तीन नई योजनाएं शुरू की हैं। इनके तहत बिना जमानत और बिना गारंटर के शिक्षा ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। उच्च शिक्षा निदेशालय के अनुसार प्रधानमंत्री विद्यालक्ष्मी योजना के तहत विद्यार्थियों को बिना किसी कोलेटरल और गारंटर के शिक्षा ऋण लेने की सुविधा दी गई है। इस योजना के अंतर्गत ऐसे विद्यार्थी, जिनके परिवार की वार्षिक आय आठ लाख रुपये तक है, उन्हें दस लाख रुपये तक के शिक्षा ऋण पर तीन प्रतिशत व्याज सब्सिडी का लाभ मिलेगा। इससे उच्च शिक्षा के लिए आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन मेधावी विद्यार्थियों को राहत मिलेगी। शिक्षा निदेशक ने सभी जिला उपनिदेशकों को पत्र जारी कर इन योजनाओं से पात्र विद्यार्थियों को जागरूक करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा पीएम-यूएसपी सीएसआईएस (प्रधानमंत्री ब्याज सब्सिडी योजना) के तहत भी विद्यार्थियों को विशेष लाभ दिया जा रहा है।