आर्य समाज मंदिर लोअर बाजार में 132वां वार्षिक उत्सव का आयोजन किया गया। इस दौरान ऋग्वेद पारायण यज्ञ सुबह 7:30 से 9:30 तक किया गया।
इस यज्ञ के ब्रह्मा आचार्य रामानंद तथा वेद पाठी आर्य समाज स्कूल की छात्राएं व पुरोहित रविंद्र शास्त्री ने किया। उत्सव में वैदिक धर्म में यज्ञ के महत्व को बताया गया।
वेद प्रत्येक व्यक्ति को यज्ञ करने का आदेश देता है अत: हमें शरीर, वाणी और धन के द्वारा यज्ञ करना चाहिए। आर्य समाज के महामंत्री हृदयेश आर्य ने सभी का धन्यवाद किया और कहा कि मनुष्य कर्मशील प्राणी है।
मगर उसे यह ज्ञान नहीं कि कौन सा कर्म करना चाहिए। उन्होंने आग्रह किया कि इस एतिहासिक उत्सव में सपरिवार उपस्थित होकर पुण्य के भागी बनें। मुख्य उत्सव 27, 28 और 29 जून को होगा।