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भारत-चीन सीमा की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण होगा हवाई अड्डा : जयराम

Fri, 11 May 2018 09:22 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
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एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के विशेषज्ञों की चार सदस्यीय टीम ने चंडीगढ़ में प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के साथ बैठक की। उन्हें हवाई अड्डे की स्थापना के लिए मंडी जिले में सरकार की ओर से चिह्नित पांच विभिन्न स्थलों के लिए सर्वे के दौरान एकत्रित डाटा का फीडबैक दिया।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि सामरिक दृष्टि से भी मंडी में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के निर्माण की आवश्यकता है, क्योंकि प्रदेश की सीमाएं चीन से सटी हैं। टीम का नेतृत्व कर रहे भारतीय हवाई अड्डा प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारी विनोद पुनियाल ने सीएम को बताया कि टीम

की ओर से एकत्रित डाटा का दिल्ली में जाकर आकलन किया जाएगा और 15 दिनों के भीतर टीम अपनी रिपोर्ट प्रदेश सरकार को सौंपकर तकनीकी मापदंडों को पूरा करने वाले स्थल की अनुशंसा करेगी।
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टीम ने जिन स्थलों का पूर्व व्यवहार्यता सर्वेक्षण किया है, उनमें बल्ह उपमंडल का नेरढांगु, पधर उपमंडल का घोघराधार, बासाधार, गोहर उपमंडल का मोवीसेरी और सदर मंडी का नंदगढ़ स्थल शामिल हैं। 

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हवाई अड्डे के निर्माण को समुचित भूमि मिलेगी

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा भारतीय हवाई अड्डा प्राधिकरण की ओर से अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के निर्माण को जिस भी स्थल की अनुशंसा की जाएगी, प्रदेश सरकार वहां समुचित भूमि मुहैया करवाएगी।

कहा कि मंडी जिला राज्य के शिमला, कुल्लू-मनाली, लाहौल-स्पीति और कांगड़ा जिले का प्रवेश द्वार भी है। राज्य में विदेशी और घरेलू पर्यटकों के आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर के हवाई अड्डे के निर्माण की जरूरत है।

मुख्यमंत्री ने गत 23 अप्रैल को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री सुरेश प्रभु से मुलाकात करके मंडी जिले में अंतरराष्ट्रीय स्तर के हवाई अड्डे के निर्माण का मामला प्रमुखता से उठाया था। इसके बाद भारतीय हवाई अड्डा प्राधिकरण की एक उच्चस्तरीय टीम मंडी जिले के दौरे पर आई थी।
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