मंडी। अपीलीय अदालत ने चेक बाउंस मामले से जुड़ी एक अपील को खारिज करते हुए निचली अदालत की सजा को सही ठहराया है। निचली अदालत ने अक्तूबर 2024 में आरोपी को 14 महीने की साधारण कैद और 4.20 लाख रुपये का हर्जाना भरने की सजा सुनाई थी।
मामले के तथ्यों के अनुसार वर्ष 2014 में सुंदरनगर निवासी मोहम्मद इरशाद ने पंजाब नेशनल बैंक से 6.55 लाख का कार लोन लिया था। आरोपी ने किस्तों का भुगतान न करने पर अपनी देनदारी चुकाने के लिए 18 दिसंबर 2018 को 3.79 लाख रुपये का चेक जारी किया। यह चेक बाउंस हो गया। बैंक ने 16 जनवरी 2019 को नोटिस भेजा, मगर न तो इरशाद ने जवाब दिया और न ही भुगतान किया। इसके बाद बैंक ने अदालत में शिकायत दायर की।
निचली अदालत ने आरोपी को 14 महीने की साधारण कैद और 4.20 लाख रुपये हर्जाना भरने की सजा सुनाई। आरोपी ने इसे चुनौती दी, लेकिन अपीलीय अदालत ने माना कि आरोपी ने खुद कार लोन लेने और चेक जारी करने की बात स्वीकार की है। अपील को खारिज करते हुए कहा कि निचली अदालत के फैसले को उचित और न्यायसंगत बताया। संवाद