जंगली मशरूम की सब्जी खाने के बाद आधी रात को एक परिवार के दस सदस्यों की फूड प्वायजनिंग से तबीयत बिगड़ गई। इन सबको अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। मामला हिमाचल के जिला मंडी के सुंदरनगर का है।
यहां पौड़ा कोठी पंचायत के खरटी गांव में शनिवार शाम जंगली मशरूम की सब्जी खाने के बाद आधी रात को एक परिवार के दस सदस्यों की फूड प्वायजनिंग से तबीयत ज्यादा बिगड़ गई। घर में बच्चों, महिलाओं और पुरुषों को लगातार उल्टियां होने पर इन्होंने पड़ोस में रहने वाली आशा वर्कर को जगाया।
उनकी हालत को देखते हुए 108 एंबुलेंस सेवा और खंड स्वास्थ्य अधिकारी रोहांड़ा डॉ. अविनाश पंवर को इस बारे में सूचित किया। डा. अविनाश ने तुरंत रोहांड़ा सामुदायिक केंद्र को इस बारे में सजग किया और एसडीएम सुंदरनगर को भी घटनाक्रम की जानकारी दी।
इसके बाद रोहांड़ा, निहरी व गोहर से एंबुलेंस बुलवाई गई और रात तीन बजे बीमारों को रोहांड़ा में दाखिल करवाया गया। जहां उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद सुबह 5 बजे 108 के माध्यम से ही सुंदरनगर भेज दिया गया।
रात के खाने में बनी थी सब्जी, दो की हालत नाजुक
नागरिक अस्पताल पहुंचने पर सभी बीमारों की जांच के बाद चिकित्सकों ने योगराज (28) और परस राम (50) की नाजुक हालत देखते हुए उन्हें मंडी स्थित जोनल अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। जबकि सुभद्रा देवी(30), मोडी देवी(45), निकिता(3) और दुष्यंत(4) को आईसीयू में और केशव राम (50), वंदना (12), पंकज (10) और लता (32) को वार्ड में उपचार के लिए रखा गया है।
सूचना मिलते ही निहरी, रोहांडा व गोहर से एंबुलेंस बुलवाई गई और सभी सदस्यों को उपचार के लिए सीएचसी रोहांड़ा पहुंचाया गया। जहां से प्राथमिक उपचार के बाद सभी दस लोगों को सुंदरनगर स्थित नागरिक अस्पताल भेज दिया गया। दो की नाजुक हालत के चलते जोनल अस्पताल मंडी रेफर कर दिया गया है।
चार बच्चों और तीन महिलाओं का सुंदरनगर के नागरिक अस्पताल में उपचार चल रहा है। जानकारी के अनुसार खरटी निवासी परस राम के घर पर शनिवार रात को जंगली मशरूम की सब्जी बनी थी। जिसे परिवार के सभी सदस्यों ने बड़े ही चाव से खाया था। लेकिन, रात डेढ़ बजे के एक-एक करके परिवार के सभी सदस्यों को उल्टियां शुरू हो गईं। जिससे सभी सदस्य घबरा गए।
उन्होंने पड़ोस में रहने वाली आशा वर्कर शकुंतला देवी को जगा कर इस बारे में जानकारी दी। उधर, बीएमओ रोहांडा डा. अविनाश पंवर ने बताया सभी 10 लोगों को जंगली मशरुम खाने से फूड़ प्वायजनिंग हुई है। चिकित्सक मरीजों की हालत पर नजर रखे हुए है। उन्होंने ग्रामीणों को बरसात के दिनों में ऐसी अनहोनी से बचने के लिए जंगली सब्जियों का सेवन करने से परहेज करने की सलाह दी है।