किन्नर कैलाश यात्रा का बेसकैंप पोवारी में बनाया गया है। यहां पंजीकरण और स्वास्थ्य जांच के बाद श्रद्धालु चार दिन की यात्रा कर वापस पहुंचते हैं। पोवारी से सुबह सात बजे के बाद से जत्थों की रवानगी हो रही है और रात्रि ठहराव गणेश पार्क में होगा।
दूसरे दिन गणेश पार्क से गणेश गुफा तक ठहराव होगा। यहां श्रद्धालु पार्वती कुंड के दर्शन कर सकते हैं। मान्यता है इस कुंड में सिक्का डालने से मांगी मुराद पूरी हो जाती है। तीसरे दिन गुफा से किन्नर कैलाश स्थित शिवलिंग तक पहुंचते हैं।
चौथे दिन वापस बेस कैंप पहुंचते हैं। मौसम साफ रहने पर सूरज की रोशनी पड़ने से शिवलिंग दिन में सात बार रंग बदलता हैं। बेस कैंप में श्रद्धालुओं के खाने-पीने का प्रबंध भी किया गया है।
कार्यवाहक उपायुक्त किन्नौर एवं एसडीएम कल्पा डॉ. मेजर अवनिंद्र शर्मा ने बताया कि यात्रा शुरू हो गई है। श्रद्धालुओं को हिदायत दे रहे हैं कि यात्रा के दौरान बहुमूल्य जड़ी-बूटियों और ब्रह्म कमल को नुकसान न पहुंचाए।
बेस कैंप पोवारी में पंजीकरण अनिवार्य है। प्रशासन के तरफ से सुरक्षा और स्वास्थ्य जांच के लिए पुलिस, होमगार्ड और स्वास्थ्य दल तैनात रहेंगे। अगर मौसम खराब हुई तो बीच में रोक दिया जाएगा।