मलोरी पौधे पर शोध और सिंचाई सुविधा के लिए पानी लिफ्ट करने के लिए थर्मो पंप तकनीक में सहयोग न करने से आहत मंडी के तेज सिंह गोयल 30 मार्च से प्रदेश के कृषि मंत्री के घर के बाहर धरना देंगे। गोयल ने बताया कि बंजर भूमि पर उगने वाला मलोरी के पौधों पर उन्होंने शोध किया।
इसमें इस पौधे की पत्तियों को मुर्गियों के चारे के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। मलोरी का वैज्ञानिक नाम रियूमेक्स हसाटटस है। यह ऐसा पौधा है, जिसे मुर्गियों के लिए बेहतरीन चारे के रूप में प्रयोग किया जा सकता है। इस बारे में आज तक कृषि विश्वविद्यालय की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। गोयल ने कहा कि बिजली खर्चे से बचाने के लिए थर्मो वाटर लिफ्टिंग पंप तकनीक को खोजा गया।
इस पर उन्हें 2001 में नेशनल हाईवे से नवाजा जा चुका है। यह पंप आग जलाकर गर्म हवा से चलता है। इससे खड्डों से पानी लिफ्ट कर खेतों तक पहुंचाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इस तकनीक के लिए सरकार की ओर से सवा करोड़ की राशि दी गई थी। इस तकनीक से बिजली भी तैयार की जा सकती है। उन्होंने कहा कि अभी तक सरकार ने इस तकनीक को आम किसानों को पहुंचाने के लिए कोई सहयोग नहीं किया गया।