लक्कड़ बाजार में की कार्रवाई का जताया विरोध, एक महिला की बाजू तोड़ने का लगाय आरोप
बोले, बेवजह तहबाजारियों को किया जा रहा तंग
तहबाजारी कानून लागू करें नहीं तो करेंगे आंदेलन
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी शिमला में सड़कों के किनारे सामान बेचने वाले तहबाजारियों को उठाने का तहबाजारी यूनियन संबंधित सीटू ने विरोध किया है। यूनियन ने वीरवार को उपायुक्त कार्यालय के बाहर और नगर निगम के संयुक्त आयुक्त कार्यालय के भीतर इस मुद्दे को लेकर हल्ला बोला।
यूनियन का आरोप है कि बीते रोज लक्कड़ बाजार में तहबाजारियों को हटाने के दौरान धक्का-मुक्की और मारपीट की गई। इसमें एक तहबाजारी महिला अंजलि की बाजू टूट गई। सीटू के राज्य अध्यक्ष विजेेंद्र मेहरा की अगुवाई में हुए इस प्रदर्शन के दौरान तहबाजारी सत्यापन और पंजीकरण के लिए तय की गईं औपचारिकताओं का भी विरोध किया गया। गुस्साए तहबाजारी नगर निगम के संयुक्त आयुक्त कार्यालय में एक घंटे तक बैठकर नारे लगाते रहे। इसके बाद तहबाजारी पुलिस अधीक्षक कार्यालय में गए और डीएसपी डॉ. अमित ठाकुर से मुलाकात कर अंजलि की बाजू तोड़ने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की।
तहबाजारी यूनियन ने चेताया कि अगर तहबाजारी कानून को लागू न किया और उन्हें उजाड़ना बंद न किया तो आने वाले समय में आंदोलन तेज होगा। डीसी कार्यालय के बाहर हुए प्रदर्शन में विजेंद्र मेहरा, अमित कुमार, बालक राम, विवेक कश्यप, दर्शन लाल और शब्बू आलम ने कहा कि स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट 2014, वर्ष 2007 में सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों पर बनी स्ट्रीट वेंडर्स पॉलिसी को लागू किया जाए और तहबाजारियों को उजाड़ना बंद किया जाए। तहबाजारियों की समस्याओं का हल करने को लेकर टाउन वेंडिंग कमेटी की नियमित बैठकें हों। छह माह से शिमला शहर में तहबाजारियों को उजाड़ने का काम किया जा रहा है, उन्हें दूसरी जगह बैठने नहीं दिया जा रहा है। यह स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट 2014 का उल्लंघन है। मेहरा ने कहा कि पुराने तहबाजारियों को दोबारा सर्वे के नाम पर तंग किया जा रहा है, नए तहबाजारियों का पंजीकरण करने के लिए सर्व शुरू नहीं हो रहा है। उन्होंने प्रदेश सरकार और नगर निगम शिमला को चेताया है कि अगर तहबाजारियों की बेदखली तुरंत बंद न की तो आंदोलन तेज होगा।
सामान जब्त कर वसूला जा रहा जुर्माना
तहबाजारियों का आरोप है कि मोमो, बर्गर, चाउमिन अन्य स्ट्रीट फूड बेचने वालों के गैस चूल्हे जब्त कर इसकी एवज में उनसे एक-एक हजार तक का जुर्माना वसूला जा रहा है। यह स्ट्रेट वेंडर्स कानून के खिलाफ है। इसे तुरंत बंद किया जाए। नो वेंडिंग जोन के नाम पर तहबाजारियों को प्रताड़ित किया जा रहा है।