ये भी मुधमेह के कारण
स्मार्टफोन, टीवी और इंटरनेट के बढ़ते उपयोग ने लोगों के जीवन में शारीरिक गतिविधियों के लिए समय कम कर दिया है। बच्चों और युवाओं का अधिकांश समय स्क्रीन के सामने बीतता है, जिससे उनकी शारीरिक गतिविधियां घट गई हैं। कार्यालयों में बैठे-बैठे काम करने वाले लोग भी मधुमेह की चपेट में आ रहे हैं।
प्रदेश में दो साल में 15 फीसदी बढ़े मामले
प्रदेश में 2022 से 2024 के बीच मधुमेह के मामलों में 10 से 15 फीसदी वृद्धि हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि समय रहते इस पर ध्यान देना जरूरी है। आईजीएमसी के एंडोक्रायोनोलॉजी ओपीडी में आए 200 मधुमेह रोगियों पर सर्वे किया गया है। यह सर्वे डॉ. मनीष ठाकुर और डॉ. अमित सचदेवा ने किया है। इसमें सामने आया कि ों69 फीसदी लोग इसके जोखिमों से अनजान थे। 51 फीसदी ने मधुमेह का पारिवारिक इतिहास बताया।
मधुमेह से बचाव के उपाय
आईजीएमसी में मेडिसिन विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. उष्येंद्र शर्मा ने कहा कि मधुमेह से बचाव और नियंत्रण के लिए नियमित योग करें, सैर, साइकिल चलाएं, फाइबर, प्रोटीन, और साबुत अनाज का सेवन करें, ध्यान, और प्राणायाम से मानसिक तनाव को कम करें, पर्याप्त नींद लें , धूम्रपान और शराब का सेवन न करें।