सूत्रों की मानें तो मुख्य आरोपी कंपनी के एमडी राकेश शर्मा के विदेश भागने की चर्चाओं के बाद जांच अधिकारियों ने अन्य आरोपियों पर ध्यान केंद्रित कर दिया। लगातार दबिश के बाद सीआईडी को अब पहली सफलता हाथ लगी है। विभागीय सूत्रों की मानें तो आरोपी विनय शर्मा कंपनी में नंबर दो की हैसियत में था।
मुख्य आरोपी राकेश ने विनय की ही मदद से फर्जी दस्तावेज तैयार किए और कई बैंकों में लोन लेने में भी विनय ने ही कंपनी को मदद पहुंचाई। अब गिरफ्तारी के बाद सीआईडी कोर्ट से विनय की रिमांड लेकर अन्य आरोपियों की जानकारी हासिल करेगी।
टेक्नोमैक कंपनी के घोटाले के मामले में हाल में आबकारी अधिकारियों ने सिरमौर में एक मामला दर्ज कराया था। इस मामले में भी वही आरोप थे, जिनकी जांच सीआईडी कर रही थी। चूंकि एक जैसे मामलों की जांच दो एजेंसियों के करने से गतिरोध हो सकता था, इसलिए पुलिस मुख्यालय ने तीसरे मामले की जांच सीआईडी को स्थानांतरित कर दी।
हालांकि पुलिस मुख्यालय ने जांच का पर्यवेक्षण एसपी सिरमौर को दे दिया है। डीजीपी सीताराम मरडी ने कहा कि चूंकि स्थानीय पुलिस ने मामला दर्ज किया था, इसलिए एसपी को सिर्फ प्रारंभिक निगरानी के लिए निर्देशित किया गया है। मूल रूप से मामले की जांच सीआईडी ही करेगी।