उन्होंने बताया कि पोर्टल पर छात्र अपनी प्रोफाइल, कौशल, प्रशिक्षण और प्रमाणपत्रों की जानकारी अपलोड कर सकेंगे। उपलब्ध रोजगार अवसरों की जानकारी प्राप्त करने, ऑनलाइन आवेदन करने और अपने प्लेसमेंट की स्थिति पर नजर रखने में सक्षम होंगे। इससे छात्रों को उद्योगों की आवश्यकताओं और रोजगार बाजार तक सीधी पहुंच मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि नियोक्ता भी इस पोर्टल पर पंजीकरण कर रिक्त पदों की जानकारी साझा कर सकेंगे। वे योग्य उम्मीदवारों की प्रोफाइल देखकर भर्ती प्रक्रिया शुरू कर सकेंगे तथा सफल नियुक्तियों का विवरण विभाग को उपलब्ध करा सकेंगे। इससे भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी और अनावश्यक देरी कम होगी। उन्होंने बताया कि पोर्टल से अब तक प्रदेश के 164 संस्थान जुड़ चुके हैं।
इनमें 136 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, 18 पॉलिटेक्निक संस्थान, पांच इंजीनियरिंग कॉलेज और पांच फार्मेसी कॉलेज शामिल हैं। हिम एक्सेस इंटीग्रेशन पोर्टल के माध्यम से अब तक 26,168 छात्रों का पंजीकरण किया जा चुका है, जिनमें से 23,054 छात्रों की कौशल मैपिंग पूरी हो चुकी है। इसके अलावा 97 नियोक्ता भी इस प्लेटफॉर्म पर पंजीकृत हो चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पोर्टल केवल स्थायी रोजगार तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इलेक्ट्रीशियन, प्लंबर और अन्य कुशल श्रमिक भी इस पर अपना पंजीकरण करा सकेंगे। आम लोग अल्प अवधि के कार्यों के लिए भी इनकी सेवाएं इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्राप्त कर सकेंगे।उन्होंने कहा कि तकनीकी शिक्षण संस्थान पोर्टल के माध्यम से छात्रों के डेटा प्रबंधन, प्रोफाइल अनुमोदन और प्लेसमेंट परिणामों की निगरानी कर सकेंगे। इससे संस्थानों और उद्योगों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा तथा छात्रों के रोजगार संबंधी रिकॉर्ड का व्यवस्थित प्रबंधन संभव हो सकेगा। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी, प्रधान सचिव डॉ. अभिषेक जैन, डिजिटल प्रौद्योगिकी एवं सुशासन विभाग के निदेशक डॉ. निपुण जिंदल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।