शनिवार को सचिवालय में शिक्षकों के लिए बनाई जा रही नई तबादला नीति की तैयारियों की समीक्षा करते हुए शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शिक्षकों द्वारा आपसी सहमति से करवाए जाने वाले तबादलों पर भी सरकार रोक लगाएगी।
जल्द ही तबादला नीति का प्रस्ताव तैयार कर कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। भारद्वाज ने कहा कि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की तर्ज पर शिक्षा विभाग रिटायरमेंट पॉलिसी बदलने जा रहा है।
प्रदेश विश्वविद्यालय में जून महीने में एक साथ शिक्षकों को सेवानिवृत्त किया जाता है। यूजीसी के नियमों के तहत विश्वविद्यालय साल के विभिन्न महीनों में शिक्षकों को सेवानिवृत्त नहीं करता है।
अब इसी तर्ज पर शिक्षा विभाग अपने शिक्षकों को सेवानिवृत्त करेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश भर के सरकारी स्कूलों-कॉलेजों में हर माह कई शिक्षक सेवानिवृत्त होते हैं।
विषय शिक्षक की सेवानिवृत्ति होने और नए शिक्षक के पद ग्रहण करने में काफी समय लगने से पढ़ाई प्रभावित होती है। इसका असर परीक्षा परिणामों में साफ दिखाई देता है। इसको देखते हुए शिक्षा विभाग ने साल में एक बार ही शिक्षकों को सेवानिवृत्त करने की तैयारी की है।
शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने बताया कि शिक्षा विभाग में नियुक्त जलवाहकों को नियमित करने के लिए 14 साल के सेवाकाल की शर्त को कम किया जाएगा। वित्त एवं कार्मिक विभाग से इस बाबत चर्चा की जा रही है। स्कूलों में पार्ट टाइम या डेलीवेज कर्मियों को रखने के लिए भी नीति बनाई जा रही है।