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कैबिनेट में आज नहीं जाएगी शिक्षकों के लिए बनाई जा रही ये नीति

Tue, 16 Jul 2019 05:00 AM IST
अरविन्द ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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कैबिनेट बैठक - फोटो : फाइल फोटो
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प्रदेश के सरकारी स्कूलों में नियुक्त शिक्षकों के तबादलों के लिए बनाई जा रही नीति पर मंगलवार को प्रस्तावित कैबिनेट बैठक में चर्चा नहीं होगी। प्रस्ताव बनाने में जुटे शिक्षा विभाग ने सरकार से अतिरिक्त समय मांगा है। ऐसे में संभावित है कि अगस्त महीने की कैबिनेट बैठक में इस मामले को लेकर चर्चा होगी। शैक्षणिक सत्र के बीच में शिक्षकों के तबादले बंद करने की तैयारी में जुटी जयराम सरकार ने बीते दिनों हुई कैबिनेट बैठक में शिक्षा विभाग से शिक्षकों के लिए तबादला नीति बनाने के आदेश दिए थे।

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चर्चा थी कि मंगलवार की कैबिनेट बैठक में तबादला नीति का प्रस्ताव लाया जाएगा। उधर, शिक्षा विभाग के अधिकारियों के मुताबिक तबादला नीति बनाने में अभी कुछ और समय लगेगा। ऐसे में मंगलवार की कैबिनेट बैठक में इसको लेकर प्रस्ताव नहीं लाया जाएगा। सरकार ने विभागीय अधिकारियों को और मोहलत दे दी है। संभावित है कि अगस्त महीने में इस बाबत प्रस्ताव लाया जाएगा। शिक्षकों की सेवानिवृत्ति भी साल में एक बार करने को लेकर सरकार ने शिक्षा विभाग को प्रस्ताव बनाने को कहा है।

स्कूलों में साल भर पढ़ाई का माहौल बनाए रखने के लिए सरकार ने शैक्षणिक सत्र के बीच में तबादले करने और शिक्षकों की सेवानिवृत्ति न करने का फैसला लिया है। तबादला नीति के तहत सभी शिक्षकों का दुर्गम और दूरदराज क्षेत्रों में सेवाएं देना अनिवार्य किया जाएगा। शिक्षकों के तबादले ऑनलाइन तरीके से होंगे। इसके लिए पोर्टल खुलते ही सामान्य क्षेत्रों में लंबे समय से टिके शिक्षकों को अन्य क्षेत्रों में भेजने के लिए 20 विकल्प देने होंगे।

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बीच सत्र में तबादलों से प्रभावित हो रही पढ़ाई

शैक्षणिक सत्र के बीच में जारी तबादलों के कारण कई स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी हो गई है। दूरदराज और दुर्गम क्षेत्रों से अधिकांश शिक्षकों ने अपने तबादले सामान्य क्षेत्रों में करवा लिए हैं। प्रदेश में कई ऐसे स्कूल हैं जो दो से तीन शिक्षकों के सहारे चल रहे हैं।

उदाहरण के तौर पर ठियोग तहसील के दूरदराज क्षेत्र राजकीय उच्च पाठशाला जराई में भाषा अध्यापक और ड्राइंग मास्टर के पद साल भर से खाली चल रहे थे और अब पिछले दिनों शारीरिक शिक्षक का भी तबादला कर दिया गया है।

कई मंत्री और विधायक भी इस तरह के मामलों को मुख्यमंत्री के समक्ष उठा चुके हैं। इसके चलते राज्य सरकार ने अब शिक्षकों के लिए तबादला नीति बनाने पर दोबारा काम शुरू कर दिया है। 
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