प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षकों के कंधों से गैर शिक्षण कार्यों का बोझ घटेगा। सरकारी स्कूलों का परीक्षा परिणाम बेहतर नहीं रहने के लिए हर साल शिक्षक संघ गैर शिक्षण कार्यों को जिम्मेवार ठहराते आए हैं।
इस शिकायत को दूर करते हुए सरकार ने शिक्षकों से करवाए जा रहे छात्राओं को आयरन गोलियां देने के गैर शिक्षण कार्यों को आशा वर्कर्स के हवाले करने की तैयारी की है। बीते दिनों सचिवालय में हुई स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग के अधिकारियों की बैठक में राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम को आशा वर्कर्स के माध्यम से चलाने का फैसला लिया गया।
अब स्कूलों में आशा वर्कर्स के माध्यम से छात्राओं को आयरन गोली दी जाएगी। पहले अध्यापकों के माध्यम से स्कूलों में इनका वितरण किया जाता था। शिक्षकों को सारे सामान का रिकॉर्ड बनाना पड़ता था। शिक्षकों के अन्य कामों में ही व्यस्त रहने की शिकायतों पर यह बदलाव किया गया है।