शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले हिमाचल प्रदेश के 13 शिक्षकों को राज्य स्तरीय पुरस्कार के लिए चुना गया है। इन शिक्षकों ने लीक से हटकर शिक्षा की लौ जलाने के लिए काम कर यह मुकाम हासिल किया। शिक्षक दिवस पर सोलन के अध्यापक प्रदीप कुमार को राज्यस्तरीय शिक्षक सम्मान से सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान उनके द्वारा शिक्षा समेत स्कूलों के विकास को लेकर किए सराहनीय कार्य को देखते हुए मिलेगा। उन्होंने सरकारी स्कूलों को ब्रांड बनाने की दिशा में काम किया। उन्होंने अपने दोनों बच्चों का प्रवेश भी सरकारी स्कूलों में करवाया। इसे देखते हुए क्षेत्र के अन्य अभिभावकों ने भी अपने बच्चों को प्री प्राइमरी और अन्य कक्षाओं में दाखिला करवाया है। इस समय प्रदीप कंडाघाट के शलाह में तैनात हैं। इससे पहले भी वे जिन स्कूलों में थे, उनको स्मार्ट बनाया है। इसके लिए किसी भी प्रकार की सरकारी ग्रांट खर्च नहीं की।
सारा काम अभिभावकों, समुदाय और स्वयं की अनुदान राशि से किया। प्रदीप ममलीग गांव के हैं। विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए वे सदैव प्रयत्नशील रहे। शिक्षा के साथ-साथ बच्चों को शारीरिक रूप से सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। बच्चों को खेलकूद प्रतियोगिताओं में प्रशिक्षित किया है। इनके मार्गदर्शन में प्राथमिक पाठशाला बशोल से 100 से अधिक बच्चों ने खो-खो, वॉलीबाल और बैडमिंटन आदि खेलों में राज्य स्तर पर भागीदारी की। कोरोना काल के दौरान हर घर पाठशाला में राज्य स्रोत समन्वयक (रिसोर्स पर्सन) के रूप में कक्षा पांच के लिए अंग्रेजी विषय की करीब 100 से अधिक वीडियो और वर्कशीट्स प्रदीप ने तैयार कीं। इससे पूरे प्रदेश के बच्चों को लाभ मिला। इसके साथ ही इन्होंने अपनी पाठशाला के साथ-साथ दो अन्य पाठशालाओं के बच्चों को ऑनलाइन कक्षाएं लगाकर आपदा के समय शिक्षा दी।
डॉ. जीसी राणा के 136 शोध पत्र पत्रिकाओं में हो चुके प्रकाशित
डॉ. जीसी राणा
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नेताजी सुभाष चंद्र बोस स्मारक राजकीय उत्कृष्ट महाविद्यालय हमीरपुर के गणित विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डाॅ. ज्ञान चंद राणा के 136 शोध पत्र भारत समेत दुनिया भर के शोध पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं। उनके शोध भारत, अमेरिका, इंग्लैंड, नीदरलैंड, रूस, जर्मनी, पोलैंड, अर्जेंटीना, बुल्गारिया, ब्राजील, सर्बिया, रोमानिया, मलयेशिया, तुर्की, चीन, चेकोस्लोवाकिया, ईरान, हंगरी तथा इटली की अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठित शोध पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं। यह प्रदेश में कॉलेज प्रोफेसर की एक बहुत बड़ी उपलब्धि है। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के गणित विभाग में किसी भी प्रोफेसर के 130 पत्र शोध पत्रिकाओं में प्रकाशित नहीं हुए हैं।
1290 शोधकर्ताओं ने राणा के पत्रों का विवरण अपने पेपरों में दिया है। इनका शोध कार्य फ्लुइड्स डायनामिक्स पर आधारित है। इसमें उन्होंने नैनो फ्लूइड, वाल्टर्स फ्लूइड, रिव्लिन-एरिक्कसन फ्लूइड और कपल स्ट्रेस फ्लूइड, जेफ्फे फ्लूइड आदि पर काम किया। डॉ. राणा ने बताया कि आजकल नैनो फ्लूइड बहुत से क्षेत्रों में उपयोग किया जाता है जैसे मोटर वाहन उद्योग, ऊर्जा बचत में, नाभिकीय रिएक्ट्रस में, कैंसर के उपचार में, बिजली संयंत्र की कूलिंग प्रणाली में, पेट्रोलियम उद्योग में, न्यूक्लेयर संयंत्र की कूलिंग प्रणाली में उपयोग होता है।
डॉ. राणा ने 40 राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में भाग लिया है। इनमें 21 शोध पत्र नैनो फ्लूइड, कपल स्ट्रेस फ्लूइड, हिमाचल प्रदेश की उच्च शिक्षा की गुणवत्ता, राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान, आपदा प्रबंधन, प्रौद्योगिकी के सामाजिक विकास पर प्रभाव विषयों पर प्रस्तुत किए हैं। उनके पढ़ाए विद्यार्थी देश-विदेश के जाने-माने महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों तथा कंपनियों सेवाएं दे रहे हैं। डॉ. राणा गरीब और मेधावी बच्चों को गणित की पुस्तकें भी उपलब्ध करवाते हैं। डॉ. राणा का जन्म गांव धरोह, तहसील सरकाघाट, जिला मंडी में हुआ है।
हरि शर्मा ने शिक्षा और खेल में नए आयाम किए स्थापित
प्रधानाचार्य हरि शर्मा
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शहीद श्याम सिंह राजकीय उत्कृष्ट वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला नेरवा के प्रधानाचार्य हरि शर्मा के राज्य शिक्षक अवार्ड के चयन से चौपाल क्षेत्र में खुशी की लहर है। जब से हरी शर्मा ने कार्यभार संभाला है स्कूल ने शिक्षा, खेल, सांस्कृतिक और अन्य गतिविधियों में नए आयाम स्थापित किए हैं। हरी शर्मा के मार्गदर्शन में नेरवा स्कूल की गिनती उपमंडल चौपाल ही नहीं जिला शिमला के नामी सरकारी स्कूलों में होने लगी है। इससे पहले हरी शर्मा ने चौपाल स्कूल में 2018 से मई 2022 तक के छात्रों की संख्या को 311 से बढ़ा कर 470 तक की। लोगों में सरकारी स्कूलों के प्रति विश्वास पैदा करने में विशेष भूमिका निभाई है। इससे पूर्व बौहर स्कूल में स्थानीय लोगों द्वारा स्कूल भवन और परिसर के निर्माण के लिए लाखों रुपये मूल्य की साढ़े चार बीघा निःशुल्क भूमि उपलब्ध करवाना भी उनकी बड़ी उपलब्धि रही। संवाद
लोकनृत्य दल को दिखाई राह नेशनल में पाया पहला स्थान
प्रधानाचार्य अमर चौहान
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राज्य शिक्षक पुरस्कार की सूची में आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला आनी के प्रधानाचार्य अमरचंद चौहान का नाम नंबर एक पर है। अमरचंद ने बतौर इतिहास प्रवक्ता उत्कृष्ट सेवाएं देने के बाद 2011 में प्रधानाचार्य के रूप में सेवाएं आरंभ की। उन्होंने लूहरी और दलाश में बेहतरीन सेवाएं देने के बाद वर्ष 2016 में आनी में ज्वाइन किया। यहां 7 वर्ष के कार्यकाल के दौरान अमरचंद चौहान ने अपनी कार्यशैली से पाठशाला को एक मुकाम पर पहुंचाया। पाठशाला ने शैक्षिक और सह शैक्षिक दोनों क्षेत्रों में न सिर्फ जिला स्तर अपितु राज्य स्तर पर अलग छाप छोड़ी। वर्ष 2022 में आनी स्कूल के लोकनृत्य दल ने प्रदेश का प्रतिनिधित्व करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त किया। पाठशाला का परिणाम उत्कृष्ट रहा। पाठशाला से नीट, जेई मैन, प्रशासनिक सेवाओं, न्यायिक सेवाओं सहित प्रत्येक क्षेत्र में विद्यार्थी चयनित हो रहे हैं।
पढ़ाई के साथ प्रबंधन भी बेहतरीन
वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला (छात्र) आनी के प्रधानाचार्य अमर चंद चौहान को भी राज्य स्तर पर विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा और व्यवस्थित स्कूल प्रबंधन के लिए राज्य स्तर पर सम्मान मिलेगा। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में विद्यार्थियों और शिक्षक वर्ग के उत्थान में बेहतर काम किया है। डीईपी किशन लाल ने कहा कि उनका लक्ष्य विद्यार्थियों को खेलों में अव्वल दर्जा दिलाना है। प्रधानाचार्य अमर चंद चौहान ने कहा कि विद्यार्थियों को गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा और मूलभूत सुविधाएं विद्यालय में मुहैया करवाना उनकी प्राथमिकता में शामिल है। उच्च शिक्षा उपनिदेशक शांति लाल और प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक सुरजीत राव ने दोनों शिक्षकों को बधाई दी है।
खिलाड़ियों को निखारा खुद भी दम दिखाया
डीईपी किशन लाल
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वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बजौरा के शारीरिक शिक्षक (डीईपी) किशन लाल ने खेल में विद्यार्थियों का प्रदर्शन सुधारने उन्हें खंड से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने में बेहतर काम किया। किशन लाल स्वयं भी अच्छे खिलाड़ी हैं। हाल ही में उन्होंने डिस्कस थ्रो, भाला फेंक और ट्रिपल जंप में स्वर्ण पदक हासिल किए। यह अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता दक्षिण कोरिया में हुई।
नरेश शर्मा ने क्लासरूम को बनाया स्मार्ट, सुधारी व्यवस्था
मुख्य शिक्षक नरेश शर्मा
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हमीरपुर जिले की प्राथमिक पाठशाला घिरथेड़ी के मुख्य शिक्षक नरेश शर्मा को शिक्षा के साथ-साथ अन्य शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग लेने, स्कूल में प्री-प्राइमरी कक्षाओं को शुरू कराने, विद्यार्थियों के उचित भवन व्यवस्था कराने के लिए मिल रहा है। नरेश ने कहा कि उन्होंने वह स्कूल में चाहरदीवारी, विद्यार्थियों की संख्या, स्मार्ट कक्षा कक्ष, विद्यार्थियों की संख्या को बढ़ाने में कार्य किया है। प्राथमिक शिक्षा संघ के प्रधान होने के साथ-साथ खंड स्तर शिक्षको के लिए आयोजित कार्यशालाओं में बतौर प्रशिक्षक कार्य कर चुके हैं। इसके राज्यस्तरीय चयन समिति ने उनका चयन किया है।
किशोरी लाल ने सुविधाओं का किया प्रचार, बच्चों की संख्या भी बढ़ाई
किशोरी लाल
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जिला हमीरपुर के राजकीय केंद्रीय प्राथमिक पाठशाला डेरा परोल के पूर्व सीएचटी किशोरी लाल को शिक्षक सम्मान मिलेगा। डेरा परोल के पूर्व सीएचटी किशोरी लाल वर्तमान में बीईईओ निरीक्षण विंग हमीरपुर के पद पर सेवाएं दे रहे हैं। उन्हें यह सम्मान डेरा परोल स्कूल में अपने सेवाकाल के दौरान विद्यार्थियों को बेहतरीन सुविधाएं उपलब्ध कराने पर प्राप्त हुआ है। किशोरी लाल ने कहा कि वे वर्ष 2009 में आए थे, तब स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या 74 थी। वर्तमान में स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या 200 के करीब हैं। विद्यालय में बच्चों को वाहन सुविधा मुहैया करवाई गई जो अभी भी जारी है। स्कूल में मिल रही सुविधाओं के पंफ्लेट्स बांटकर बच्चों की संख्या को बढ़ाया गया।
कैलाश ने क्लासरूम को बनाया स्मार्ट
जेबीटी कैलाश सिंह शर्मा
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शिक्षक दिवस के लिए राज्य स्तरीय शिक्षक अवार्ड के लिए शिमला के केंद्रीय प्राथमिक पाठशाला लालपानी के जेबीटी शिक्षक कैलाश सिंह शर्मा को चुना गया है। कैलाश सिंह शर्मा ने कहा कि उन्हें राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार के लिए चयनित होने पर उनका मनोबल बढ़ने के साथ और अच्छा कार्य करने के लिए प्रोत्साहन मिला है। कैलाश सिंह शर्मा ने बताया कि 31 सालों से शिक्षा विभाग में कार्य करते हुए उन्होंने शिक्षा को सरल बनाने के साथ इसमें शिक्षण कार्य में सहायक सामग्री का उपयोग करने पर हमेशा ध्यान दिया। पोर्टमाेर स्कूल में उन्होंने छात्रों के लिए करीब 60 हजार का एलईडी भेंट किया। लालपानी में छात्रों का पंजीकरण एक साल में दोगुना किया। यहां 81 विद्यार्थी थे, जिनकी संख्या अब 165 से अधिक हो चुकी है। स्कूल में उन्होंने शिक्षा विभाग के स्मार्ट बोर्ड लांच किए। नेटवर्क की दिक्कत होने पर पेन ड्राइव से पढ़ाने का कार्य किया। संस्थाओं के सहयोग से स्कूल में एलईडी और 40 विद्यार्थियों के बैठने के लिए बैंच और डेस्क की व्यवस्था करवाई।
जरूरतमंद बच्चों की अशोक करते हैं मदद
प्रवक्ता अशोक ठाकुर
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विजय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बाल स्कूल मंडी में प्रवक्ता ठाकुर को प्रदेश स्तरीय शिक्षक सम्मान के लिए चयनित किया गया है। मृदुल स्वभाव के अशोक ठाकुर हमेशा गरीब बच्चों को पढ़ाई में मदद करते हैं। वे जरूरतमंद बच्चों को पुस्तकों का वितरण करते हैं। वे पढ़ाई से वंचित न रहे सके उनका हमेशा प्रयास रहता है। साल 1998 में उन्होंने गोपालपुर से अपने अध्यापन का कार्य प्रारंभ किया। वह अब तक कई स्कूलों में बतौर वाणिज्य विषय पढ़ाने के साथ-साथ बच्चों को आगे के भविष्य को देखते हुए पढ़ाते हैं। उनके छात्र छात्राओं के परीक्षा परिणाम हमेशा शत-प्रतिशत रहता है। संवाद
कोरोना काल में ऑनलाइन टीचिंग के माध्यम से विद्यार्थियों को विषय से रखा जोड़े
जीव विज्ञान प्रवक्ता दीपक कुमार
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कोराना काल में बच्चों को पढ़ाई से जोड़े रखने के लिए बाल वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला चंबा के जीव विज्ञान प्रवक्ता दीपक कुमार ने केबल मीडिया का सहारा लिया। विद्यार्थियों को लगातार विषय के साथ जोड़कर रखा। इन्होंने चंबा के एक केबल चैनल के माध्यम से वीडियो लेक्चर बनाए, ताकि इनके प्रसारण से विद्यार्थी पढ़ सकें तथा कोई विद्यार्थी संसाधन के अभाव में पढ़ाई से वंचित न रह जाए। हर जरूरतमंद विद्यार्थी तक पहुंचा जा सके। दीपक ने अपना यू-ट्यूब चैनल भी तैयार किया है। इस पर वीडियो लेक्चर व नोट्स अपलोड किए जाते हैं, ताकि सभी छात्रों के लिए वीडियो नोट्स उपलब्ध हों और चंबा के बाहर के विद्यार्थी भी इसका लाभ उठा सकें।
प्रवक्ता दलीप सिंह ने दिए शानदार परीक्षा परिणाम
प्रवक्ता दलीप सिंह
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जिला सिरमौर के पच्छाद क्षेत्र के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला वासनी में अंग्रेजी प्रवक्ता के तौर पर सेवाएं दे रहे दलीप सिंह जिस स्कूल में भी गए, वहां बच्चों को मेरिट में लाने के लिए ध्यान दिया। वे न केवल बच्चों को गुणात्मक शिक्षा दे रहे, बल्कि मात्रात्मक शिक्षा पर भी जोर दिया है। कमजोर बच्चों को पढ़ाने के लिए दलीप सिंह अतिरिक्त कक्षाएं लगाते आ रहे हैं। उनके नेतृत्व में लगातार तीन साल 2016, 2017 और 2018 में उनकी टीम ने राज्यस्तरीय यूथ पार्लियामेंट में हिस्सा लिया। पहले दो साल युवा संसद में वह पहले और दूसरे स्थान पर रहे। वे अपने शिक्षण में स्मार्ट क्लास रूम का अधिक प्रयोग कर रहे हैं। बच्चों को पढ़ाई तक सीमित न रखकर वह सह पाठ्यक्रम गतिविधियों में भी लगातार भागीदारी सुनिश्चित कर रहे हैं। दलीप सिंह ने राज्यस्तरीय पुरस्कार मिलने पर खुशी जताई।
कमल किशोर ने ब्रश से उकेरे जीवंत चित्र, शिव शर्मा को मिला परिश्रम का फल
ऊना जिले के दो अध्यापकों को राज्य पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला त्यूड़ी में कार्यरत कला अध्यापक कमल किशोर और राजकीय प्राथमिक पाठशाला ककराना के जेबीटी अध्यापक शिव कुमार शर्मा का चयन राज्य पुरस्कार के लिए हुआ है। कला अध्यापक कमल किशोर की पेंसिल के निकली रेखाएं जीवंत चित्र बनाती हैं।
उन्होंने महापुरुषों के ब्रश से जीवंत चित्र बनाए हैं। इन्हें आसपास के स्कूलों में लगाया गया है। कमल किशोर का कहना है कि राज्य पुरस्कार के चयन का जब उन्हें फोन आया तो मन में बेहद प्रसन्नता हुई। उनके किए कार्यों की सरकार ने सराहा। त्यूड़ी के प्रधानाचार्य अमर सिंह का कहना है कि कमल किशोर वास्तव में कलाकार हैं। उनके सिखाए विद्यार्थियों ने प्रतियोगिताओं में लोहा मनवाया है।
पुरस्कार के लिए चयनित अध्यापक शिव कुमार शर्मा बहुत परिश्रमी और हर वक्त स्कूल के कार्य को महत्व देने वाले हैं। नई शिक्षा नीति पर उनकी पूरी कमान है। उनके प्रयत्नों से विद्यालय को चार चांद लगे हैं। उनका कहना है कि वे कर्तव्य का निर्वहन करने का लगातार प्रयास करते हैं। रायंसरी के प्रधानाचार्य प्रदीप सिंह ने दोनों अध्यापकों को राज्य पुरस्कार के लिए चयनित होने पर बधाई दी है।