हिमाचल के स्कूलों में शिक्षक दिवस के उपलक्ष्य पर लाखों छात्रों ने पीएम मोदी का भाषण सुना। इस दौरान छात्रों को काफी सीख भी मिली। मोदी ने न सिर्फ छात्रों को अध्यापक के महत्व के बारे में बताया। बल्कि ये भी बताए कि कैसे एक शिक्षक समाज का मार्गदर्शन करता है।
उन्होंने कहा कि देश को आज अच्छे शिक्षकों की जरूरत है। शिक्षकों को चाहिए कि वे समय से दो कदम आगे चलें और छात्रों को अच्छी सीख दें। उन्होंने छात्रों के सवालों का भी जवाब दिया। पीएम कैसे बने, इस सवाल पर मोदी ने कहा कि 2024 के चुनाव की तैयारी अभी से शुरू करो, पीएम बन जाएंगे।
मोदी ने कहा कि बच्चों को ढेर सारे सपने देखने चाहिए। तकनीकी से जुड़ना चाहिए। मोदी ने कहा, तकनीकी का महत्व बढ़ रहा है, हमें अपने बच्चों को तकनीकी से दूर नहीं करना चाहिए। अगर बच्चों को तकनीकी से दूर करते हैं तो ये एक सामाजिक अपराध होगा।
इन्हें मिला राज्य स्तरीय पुरस्कार
1. भूपेंद्र सिंह गुप्ता, भूमति, अर्की सोलन
2. सरस्वती नंदन पराशर, रखेड़ा, मंडी
3. मदन लाल, कक्कड़, हमीरपुर।
4. जय सिंह गुलेरिया, शाहपुर, कांगड़ा।
5. सुदेश हाजिरी, साइगलू, मंडी।
6. सोम सिंह भारद्वाज, बही परियार, कांगड़ा
7. रवि शंकर, रक्का ऊना।
8. अशोक ठाकुर, उच्चड़, कांगड़ा।
9. कृष्ण पाल शर्मा, जाखू, शिमला
10. निर्मला देवी, डुमैहर, बिलासपुर।
11. बीरबल कटोच, भरगांव, मंडी।
12. राजेश कुमार, बथेरी मंडी।
13. रामलाल, शोधधार मंडी।
14. भीम सिंह, तरौर मंडी।
इन्हें भी मिला शिक्षक पुरस्कार
चार राष्ट्रीय स्तर का शिक्षक सम्मान हासिल कर चुके शिक्षकों को भी सम्मानित किया गया। इनमें राकेश कुमार टीजीटी सीसे स्कूल अंबेहड़ा ऊना, नरोत्तम चंद सेंट्रल हेड टीचर प्राइमरी स्कूल दयोल बैजनाथ, सोमा राणा मुख्य अध्यापिका हाई स्कूल नसलोह मंडी और सरताज सिंह लेक्चरर सीसे स्कूल चंडी अर्की सोलन शामिल हैं।
राष्ट्रपति से मिला इन शिक्षकों को सम्मान
इस साल प्रदेश से चार शिक्षकों को राष्ट्रीय स्तर के शिक्षक सम्मान के लिए चयनित किया गया है। इनमें राजेंद्र सिंह, प्रिंसिपल सीसे स्कूल रजवाड़ी मंडी, गोपाल सिंह हेडमास्टर हाई स्कूल मझारनू, जोगिंद्रनगर मंडी शामिल हैं।
इनके अलावा रतन सिंह शास्त्री सीसे स्कूल मझींण, कांगड़ा और निर्जला कुमारी प्राइमरी स्कूल नगरोटा सूरियां शामिल हैं। इन शिक्षकों को पांच साल के कार्यकाल के दौरान शिक्षा के क्षेत्र बेहतरीन कार्य के लिए सम्मानित किया गया।
गौरतलब है कि हर साल राष्ट्रपति भी शिक्षक दिवस के मौके पर विभिन्न राज्यों के उन शिक्षकों को सम्मानित करते हैं जिन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर योगदान दिया हो।
इन शिक्षकों को भी सलाम
प्रदेश में कुछ शिक्षक ऐसे भी हैं, जो लीक से हटकर कार्य कर शिक्षक की लौ जला रहे हैं। घर-घर जाकर बच्चों को पढ़ने के लिए प्रेरित किया। गरीब की पढ़ाई पर अपना पैसा खर्च किया।
अभिभावकों को भी बच्चों की पढ़ाई के लिए जागरूक कर रहे हैं। राज्यपाल ने ऐसे ही 18 शिक्षकों को सम्मानित किया। इनमें चार शिक्षकों को नेशनल अवॉर्ड से नवाजा गया।
14 शिक्षकों में एक प्रिंसिपल, एक हेडमास्टर, 2 लेक्चरर, 3 डीपीई, 3 सीएंडवी, 3 जेबीटी और एक टीजीटी शामिल है। शिक्षकों को राजभवन शिमला में होने वाले कार्यक्रम में राज्यपाल उर्मिला सिंह ने सम्मानित किया।