प्राथमिक शिक्षक संघ ने किया आग्रह, सरकार से समाधान के लिए बैठक बुलाने की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ को प्री प्राइमरी से पांचवीं तक की कक्षाओं को उच्च कक्षाओं के कलस्टर में शामिल करना मंजूर नहीं। संघ ने प्रदेश सरकार और शिक्षा विभाग से इस फैसले को बदलने और प्राथमिक कक्षाओं को अलग कलस्टर में रखे जाने की मांग की है। इसके साथ ही चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह में लंबित मांगों को पूरा करने और अलग कलस्टर बनाने के मुद्दे को लेकर बैठक नहीं बुलाई तो संघ आंदोलन शुरू कर देगा। संघ की वर्चुअल बैठक में फैसला लिया गया कि यदि एक सप्ताह में मांगे पूरी करने को सरकार और विभाग बैठक नहीं बुलाता है तो आंदोलन की रणनीति तय की जाएगी।
संघ के प्रदेशाध्यक्ष हेमराज ठाकुर, उपाध्यक्ष सबरजीत सिंह राणा, महामंत्री अशोक कुमार शर्मा, सह सचिव राकेश पटियाल, कोषाध्यक्ष त्रिलोक चंद, मुख्य सलाहकार मनुज शर्मा और सीमा रानी ने संघ की वर्चुअल बैठक में कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रस्ताव के कार्यान्वयन के लिए टास्क फोर्स बनी है लेकिन इसमें न तो प्रदेश संगठन के पदाधिकारियों और प्राथमिक शिक्षकों को शामिल नहीं किया है।
उन्होंने कहा कि स्कूलों का सारा नियंत्रण वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों से होगा। यह संघ को मंजूर नहीं है। शिक्षा में सुधार कर ढांचागत सुविधाएं बेहतर की जानी चाहिए थी। लेकिन ऐसा नहीं किया गया। नए प्राथमिक शिक्षक को प्राथमिक शिक्षक 7 कक्षाओं का अध्ययन करवाते हैं। वहीं दो से तीन कक्षाओं को पढ़ाने वालों को 10300 का वेतनमान दिया जा रहा है, यह अन्याय है। अध्यक्ष ने कहा कि तीन सालों से मांगें लंबित चल रही हैं।