प्रदेश के कॉलेजों में 26 घंटे प्रति सप्ताह पढ़ाने की विश्वविद्यालय की शर्त पर कॉलेज लेक्चरर तल्ख हो गए हैं। एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि 14 मार्च को जारी इस अधिसूचना को जल्द रद्द नहीं किया गया तो शिक्षक आंदोलन का रास्ता अपना लेंगे।
साथ ही धरने-प्रदर्शन के साथ काले बिल्ले लगाकर प्रदर्शन किया जाएगा। बिलासपुर कॉलेज में एसोसिएशन अध्यक्ष आरके कायस्था की अध्यक्षता में हुई बैठक में ये फैसला लिया गया। इसमें रूसा प्रणाली पर भी मंथन किया गया।
कहा गया कि सप्ताह में 26 घंटे लगातार पढ़ाना मुमकिन नहीं है। पीटीए पर कॉलेजों में हो रही नियुक्तियों को गलत ठहराते हुए एसोसिएशन ने रेगुलर भर्ती करने की मांग की। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि इससे कॉलेजों में शिक्षा की गुणवत्ता घटेगी।
बिना रिलीवर ट्रांसफर गलत
यह न्यायालय के आदेशों का भी उल्लंघन है। बिना रिलीवर कॉलेजों से हो रहे तबादलों को भी गलत ठहराया। कहा कि रूसा में अभी भी कई विसंगतियां है। रूसा के तहत 24 छात्रों पर एक शिक्षक होना चाहिए।
वहीं, प्रदेश के कई कॉलेजों में वर्तमान में 60, 100 यहां तक कि 200 छात्रों को एक शिक्षक पढ़ा रहा है। कॉलेज स्तर पर परीक्षा पत्र देखने और प्रश्नपत्र बनाने का भी विरोध किया। रूसा में छात्रों को च्वाइस नहीं मिल रही है।
इंटरनल असेसमेंट के 50 अंक रखे गए हैं, जो घटाकर बीस किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा एसोसिएशन इसका विरोध करती है। जब तक निर्णय नहीं होता शिक्षक पेपर चैक नहीं करेंगे।