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कर्मचारी हित में नहीं नई पेंशन योजना: शिक्षक महासंघ

Sun, 16 Dec 2018 06:43 PM IST
अरविन्द ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रामपुर बुशहर
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हिमाचल शिक्षक महासंघ की बैठक राजकीय केंद्र प्राथमिक पाठशाला रामपुर में हुई। इसकी अध्यक्षता प्रदेशाध्यक्ष डॉ. प्रेम शर्मा ने की। प्रदेश शिक्षक महासंघ के संस्थापक, प्रधान और संरक्षक यशवंत सिंह राणा मुख्यातिथि थे। बैठक में शिक्षकों के विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई। डॉ. प्रेम शर्मा ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार से मांग की गई है कि अप्रैल 2003 के पश्चात कार्यरत सभी शिक्षकों और कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना के तहत लाया जाए।

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नई पेंशन योजना शिक्षकों और कर्मचारियों के हित में नहीं है। नई पेंशन योजना से सभी शिक्षक और कर्मचारियों को सेवानिवृत्त होने के बाद नाममात्र पेंशन मिल रही है। महासंघ ने सरकार पर आरोप लगाया कि लोकसभा और राज्यसभा के सभी विधायकों को शपथ के बाद पेंशन का लाभ मिल रहा है, जबकि शिक्षक व कर्मचारियों को उम्र भर सेवाएं देने के बाद पुरानी पेंशन से वंचित रखा जा रहा है। इसके लिए महासंघ प्रदेश में जन जागरण अभियान चलाएगा। 

सचिव लायकराम शर्मा ने कहा कि वर्ष 1996 और 1998 के दौरान अनुबंध पर कार्य कर रहे शिक्षकों को आठ वर्ष के कार्यकाल बाद नियमित तो किया गया, लेकिन इन्हें वित्तीय और वरिष्ठता के आधार पर मिलने वाले लाभों से वंचित रहना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि तत्कालीन अनुबंध शिक्षकों को अतिरिक्त वेतन वृद्धि व वरिष्ठता लाभ दिया जाए।
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सभी पीटीए शिक्षकों को नियमित किया जाए। पैरा, पैट और एसएमसी शिक्षकों को पॉलिसी बनाकर नियमित किया जाए। सेवानिवृत्ति आयु 58 से 60 वर्ष की जाए। महासंघ ने एसएमसी की अस्थाई भर्ती का विरोध किया। कहा कि कंप्यूटर शिक्षकों का वेतन समय पर जारी किया जाए। डीपीई वर्ग के शिक्षकों को प्रवक्ता पदनाम दिया जाए।

बैठक में वरिष्ठ उपाध्यक्ष मनमोहन ठाकुर, महेंद्र चौहान, सुरेश ठाकुर, चतर सिंह, संजय नेगी, अनिल नेगी, बोविल ठाकुर, प्रेम शर्मा, अविनाश नेगी, लाल दास वर्मा, अशोक मेहता और जगदेव आदि मौजूद रहे।

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पुरानी पेंशन व्यवस्था की बहाली की जाए: संघ

राज्य अध्यापक संघ शिमला की आमसभा रविवार को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला भट्टाकुफर में प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान की अध्यक्षता में हुई। इसमें पुरानी पेंशन बहाली की मांग उठाई गई।

बैठक में प्रदेश प्रवक्ता एवं मुख्य प्रेस सचिव कैलाश ठाकुर, प्रदेश उपाध्यक्ष डीपी शर्मा, प्रदेश संगठन सचिव तारा चंद शर्मा, प्रदेश मुख्यालय सचिव रमन वर्मा, प्रदेश लेखा परीक्षक संदीप ठाकुर, सदस्य राज्य कार्यकारिणी खेमराज भंडारी, महिला विंग सदस्य रीना भारद्वाज, निकेता चौहान, वर्षा सूद, सहायक मुख्यालय सचिव प्रताप, वर्षा सूद, जिला अध्यक्ष महावीर कैंथला जिला महासचिव सतनाम खग्टा, विभिन्न खंड अध्यक्षों में इंद्र ठाकुर, दीपश, यशवंत, अशोक रेक्टा, उमेश दत्त शर्मा, हेमराज कायस्थ, सुरेश आदि मौजूद रहे। 

बैठक में विचार किया गया कि प्रवक्ता पदनाम की बहाली और उपप्रधानाचार्य के पदों के सृजन संबंधी अधिसूचना अविलंब जारी की जाए। पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल की जाए। अनुबंध अध्यापकों को सभी लाभ उनकी प्रथम नियुक्ति की तिथि से देय हो। पदोन्नति पर संशोधित ग्रेड पे देने पर दो वर्ष की शर्त तत्काल हटाई जाए।

प्रथम नियुक्ति पर इनिशियल पे बहाल की जाए। अध्यापकों की सेवानिवृत्ति प्रस्तावित 31 मार्च के स्थान पर सेवानिवृत्ति की आयु 62 वर्ष की जाए। शास्त्री व भाषा अध्यापकों को टीजीटी पदनाम दिया जाए। प्री प्राइमरी कक्षाओं के लिए प्रशिक्षित अध्यापकों की तुरंत व्यवस्था की जाए। डीपीई को प्रवक्ता पदनाम दिया जाए। 300 से अधिक अर्जित अवकाश को खाते में जमा करवाया जाए।
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